बरेली। शाहजहांपुर की घटना पर आला हजरत दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी ने कहा कि नबी की शान में जो गुस्ताखी की गई, उसने पूरी दुनिया के सुन्नी मुसलमानों के जज्बात को गहरा दुख पहुंचाया है। चाहे वहां के स्थानीय बाशिंदे हों या दूर रहने वाले मुसलमान, सभी के दिल में तकलीफ हुई है। अल्लाह और उसके नबी की शान में किसी तरह की तौहीन को कुबूल करना मुमकिन नहीं। ये मसला हमारे ईमानी उसूलों का मसला है।
अहसन मियां ने कहा कि सरकार-ए-रहमत की शान-ओ-अजमत ऐसी है कि उनकी तारीफ के लिए अल्फाज कम पड़ जाते हैं। उनकी मोहब्बत ही हमारे ईमान का सबसे अहम पहलू है। उन्होंने हुकूमत से आग्रह किया है कि इस मामले में ऐसा कानून मुकर्रर किया जाए जो मजहब की तौहीन करने वालों के लिए सजामंद साबित हो। जो भी किसी मजहब की तौहीन करे, उसके लिए नर्म रवैया अख्तियार न किया जाए, ताकि समाज में अमन, इज्जत और अखलाक बरकरार रहे। मुसलमानों के सब्र की हदें पाक और बुलंद हैं, मगर अल्लाह और रसूल की शान में गुस्ताखी को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संवाद