समीक्षा बैठक में भी नहीं पहुंचे कार्यदायी संस्थाओं के एक्सईएन, तीन का रोका गया वेतन
करोड़ों लागत के कई और निर्माण कार्य समयावधि पूरी होने के बावजूद पड़े हैं अधूरे
बरेली। अधूरे विकास कार्य कहीं विधानसभा चुनाव में मुद्दा न बनें, इसलिए अफसरों की कोशिश उन्हें तेजी से पूरा कराने की है लेकिन ज्यादातर कामों में हुए घपले-घोटाले इस मंशा में रोड़ा बन गए हैं। बृहस्पतिवार को विकास भवन में हुई समीक्षा बैठक में पीएमजीएसवाई के तहत सड़कों के रिन्यूवल के साथ तमाम योजनाओं में घपले की शिकायतों पर सीडीओ ने जवाब मांगना शुरू किया तो पता चला कि कार्यदायी संस्थाओं के अफसर बैठक में आए ही नहीं हैं। सीडीओ ने सड़कों की जांच के साथ तीन एक्सईएन का वेतन रोकने का आदेश दिया है।
केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में शौचालयों के निर्माण में घपला बैठक का पहला गंभीर मुद्दा बना। तमाम शौचालय अधूरे होने और उनका इस्तेमाल न किए जाने के मामले में डीपीआरओ कोई जवाब नहीं दे पाए तो सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने डीपीआरओ को टीमें बनाकर गांव-गांव शौचालयों के निर्माण की जांच कराने का निर्देश दिया। समीक्षा में पता चला कि रिठौरा-भंडसर मार्ग पर पुल के निर्माण की समयावधि पूरी हो चुकी है लेकिन इसके बावजूद अब तक सिर्फ 33 प्रतिशत निर्माण हुआ है। सीडीओ ने इस पर पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन हरवंश की जमकर डांट लगाई और ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
इसी तरह रिछा में निर्माणाधीन राजकीय महाविद्यालय का निर्माण सिर्फ 49 प्रतिशत हो पाने पर उन्होंने कार्यदायी संस्था उप्र आवास विकास परिषद के एक्सईएन से जवाब चाहा तो पता चला कि वह बैठक में आए ही नहीं हैं। सीडीओ ने इस पर सख्त नाराजगी जताते हुए उनका वेतन रोकने का आदेश दिया। दो और एक्सईएन का भी वेतन रोका गया।
94 लाख खर्च फिर भी सड़कें जस की तस
मीरगंज और बहेड़ी समेत कई ग्रामीण इलाकों में बुरी तरह खराब हो चुकी आठ सड़कों का पीएमजीएसवाई के तहत रिन्यूवल कराया जाना था। अफसरों ने इनके रिन्यूवल के नाम पर 94 करोड़ तो खर्च कर दिए लेकिन अब गांवों से शिकायतें आ रही हैं कि सड़कों पर नाममात्र की लीपापोती की गई है लिहाजा लोगों को अब भी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। यह भी बताया गया कि बिथरी क्षेत्र में सुंदरपुर से मगनापुर संपर्क मार्ग का निर्माण शिकायतें होने के बाद एक्सईएन ने रोकने के निर्देश दिए थे लेकिन इसके बाद भी ठेकेदार ने सड़क बना दी। अधिकारियों की साठगांठ की वजह से इस प्रकरण की जांच भी नहीं कराई गई। इन्हीं शिकायतों पर सीडीओ ने सभी सड़कों के निर्माण की जांच का आदेश दिया।
लाल फाटक और चौपुला पुल का भी जल्द निर्माण पूरा करने का निर्देश
समीक्षा बैठक में लाल फाटक ओवरब्रिज और चौपुला फ्लाईओवर का निर्माण भी जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया। यूनानी मेडिकल कॉलेज और अटल आवासीय विद्यालय की अड़चनें भी दूर करने को कहा गया। क्यारा में बन रहे नवीन ममता राजकीय मानसिक मंदित बालिका महाविद्यालय के निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी जताई गई। कार्यदायी संस्थाओं को पूरे हो चुके निर्माण विभागों को सौंपने के निर्देश दिए गए।
कोटे की खाली दुकानों का आवंटन न करने के सवाल पर अफसर निरुत्तर
कोटे की खाली दुकानों के धीमे समायोजन का मुद्दा भी बैठक में उठा। खाद्य एवं रसद विभाग पर पहले भी कोटे की खाली दुकानों का जानबूझ कर आवंटन लटकाए रहने के आरोप लगते रहे हैं। बैठक में सीडीओ ने विभागीय अफसरों से जब देरी का कारण पूछा तो वे कोई जवाब नहीं दे पाए। सीडीओ ने उन्हें डांट लगाते हुए खाली दुकानों का जल्द समायोजन करने के निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आईजीआरएस की लंबित शिकायतों का निस्तारण तेजी से करने को कहा।