ट्रेन के दो ड्राइवर, गार्ड, गेटमैन और शाहजहांपुर के पीडब्ल्यूआई जांच में पाए गए दोषी
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22 अप्रैल को चंडीगढ़-लखनऊ इंटरसिटी की चपेट में कई वाहनों के आने से पांच लोगों की हुई थी मौत
बरेली। उत्तर रेलवे के बरेली-लखनऊ रेल रूट पर 22 अप्रैल की सुबह सात बजे बिलपुर और मीरानपुर कटरा स्टेशन के बीच हुलासनगर क्रॉसिंग पर हादसा हुआ था। इस मामले की जांच पूरी हो गई है। हादसे के लिए बड़ौदा हाउस के अधिकारियों ने चंडीगढ़-लखनऊ इंटर सिटी के दोनों ड्राइवर और गार्ड समेत पांच रेल कर्मियों को दोषी पाया है। इन्हें पहले ही सस्पेंड कर दिया गया था। अब इन्हें चार्जशीट जारी कर दी गई है।
चंडीगढ़-लखनऊ इंटरसिटी (05012) 22 अप्रैल को खुले फाटक से गुजरी थी। ट्रेन की चपेट में एक डीसीएम, दो ट्रक और दो बाइक आ गईं थीं। हादसे में एक बच्चे समेत पांच लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में दिल्ली के बड़ौदा ऑफिस की टीम ने आकर जांच की। टीम ने इस मामले में ट्रेन के चालक, गार्ड, गेटमैन समेत 25 रेल कर्मियों से पूछताछ की। मुख्यालय ने मामले की जांच पड़ताल में मुरादाबाद के तीन रेल अफसरों से भी सवाल जवाब किए। घटना वाले ही दिन ट्रेन के दोनों ड्राइवर और गेटमैन को सस्पेंड कर दिया गया था। दो महीने की जांच के बाद अब पीडब्ल्यूआई शाहजहांपुर को भी दोषी मानते हुए सभी को मेजर चार्जशीट दी गई है।