बरेली। विंडरमेयर थिएटर एंड लिट्रेचर फेस्टिवल में बृहस्पतिवार की शाम मृदुला गर्ग और इस्मत चुगताई के नाम रही। मृदुला गर्ग ने अपनी किताब ''''वे नायाब औरतें'''' के अंश पढ़कर सुनाए। पदातिक थिएटर के नाटक ''''कागज के गुब्बारे'''' के जरिये इस्मत चुगताई दर्शकों से रूबरू हुईं।
दया दृष्टि चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. बृजेश्वर सिंह ने वरिष्ठ लेखिका मृदुला गर्ग को स्मृति चिह्न भेंटकर उनका स्वागत किया। लव तोमर, दीक्षा तिवारी व अन्य कलाकारों ने मृदुला की किताब ''''वे नायाब औरतें'''' के एक-एक भाग को अपने अंदाज में पढ़ा। अंत में कलाकारों और प्रशंसकों ने वरिष्ठ लेखिका से उनके जीवन, लेखन आदि पर दिलचस्प बातचीत की।
इसके बाद कोलकाता से आए पदातिक थिएटर के कलाकारों ने इस्मत चुगताई की छह कहानियों (कुंवारी, एक शौहर की खातिर, छुई-मुई, घरवाली, पेशा, घूंघट) और चुनिंदा लेखों के अंश पर आधारित नाटक ''''कागज के गुब्बारे'''' का मंचन किया। इस प्रस्तुति में अभिनय के साथ-साथ नाटकीय अंदाज में पढ़ने की कला, तबले की थाप और गीतों का दर्शकों ने लुत्फ उठाया। नाटक की परफॉरमेंस स्क्रिप्ट, डिजाइनिंग और डायरेक्शन अनुभा फतेहपुरिया ने किया। अशोक सिंह, कल्पना झा, करुणा ठाकुर, पलाश चतुर्वेदी, तीतास और सुकृत सेन ने अपने अभिनय से दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।
जुगराजपुर गांव में खेल मैदान में प्रशिक्षण लेता खिलाड़ी। संवाद