बरेली। शाहजहांपुर में हादसे में 12 लोगों की मौत ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में भी नियमों को धता बताते हुए ऑटो बेरोकटोक दौड़ रहे हैं। ऑटो में एक चालक और अधिकतम तीन सवारियों के लिए परमिट जारी होता है, लेकिन शहर की सड़कों पर भी कई ऑटो 10-12 सवारियां बैठाकर दौड़ रहे हैं।
शहर में ऑटो के 3,500 परमिट हैं। नए परमिटों पर रोक है, लेकिन पुराने परमिटों को हस्तांतरित कराया जा सकता है। इसके अलावा देहात क्षेत्र के ऑटो और टेंपो की संख्या अलग है। ई-रिक्शा के लिए परमिट की जरूरत नहीं होती। शहर में ई-रिक्शा की संख्या करीब 11 हजार है। जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण ऑटो, ई-रिक्शा और टेंपो क्षमता से ज्यादा सवारियां लेकर दौड़ रहे हैं। कई अनफिट ऑटो भी शहर में दौड़ रहे हैं। कई स्कूलों में बच्चों को लाने-ले जाने के लिए ऑटो और ई-रिक्शा का इस्तेमाल हो रहा है। इनके हाईवे पर दौड़ने पर रोक है, लेकिन इसका भी पालन नहीं हो रहा।
सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए सरकार यातायात नियमों को लगातार सख्त कर रही है। नगर निगम स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिये सिर्फ बाइक चालकों के ही चालान किए जा रहे हैं। चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी क्षमता से ज्यादा सवारियां लेकर दौड़ रहे ऑटो, ई-रिक्शा को नजरअंदाज कर देते हैं।
ओवरलोड वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। ट्रैफिक पुलिस भी कार्रवाई कर रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का पंजीकरण भी निरस्त किया जा रहा रहा है। - दिनेश सिंह, आरटीओ प्रवर्तन
जुगराजपुर गांव में खेल मैदान में प्रशिक्षण लेता खिलाड़ी। संवाद