लखनऊ से आई स्वास्थ्य विभाग की टीम को प्राइमरी स्कूल में एक्सपायर दवाइयां मिलीं तो उनका पारा आई हो गया। इसके बाद टीम बिथरी चैनपुर सीएचसी पहुंची तो वहां भी अव्यवस्थाएं मिलीं। टीम ने एक सप्ताह में सभी व्यवस्थाएं ठीक करने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टर और फार्मेसिस्ट का जवाब तलब भी किया है।
स्वास्थ्य विभाग स्कूली बच्चों को आयरन की टेबलेट सप्लाई करता है। बिथरी चैनपुर के स्कूल में भी आयरन की टेबलेट भेजी गई थीं, लेकिन शिक्षकों को यही पता नहीं था कि गोलियां किस मर्ज की हैं। लिहाजा उन्होंने बांटी ही नहीं। इसका खुलासा एनएचएम की टीम ने किया। गुरुवार को एनएचएम की प्रबंधन इकाई के डीजीएम (किशोर स्वास्थ्य) डॉ. आनंद अग्रवाल टीम के साथ बिथरी चैनपुर के प्राइमरी स्कूल पहुंचे। उन्होंने आयरन की दवा के बारे में पूछा तो टीचर ने आयरन की एक्सपायर टेबलेट दिखाईं। उन्होंने दवा आने का रिकार्ड मांगा तो वे नहीं दिखा सके। इसके बाद टीम सीएचसी पहुंची। वहां भी अव्यवस्थाओं का अंबार था। गर्भवती महिलाओं के चेकअप रूम में पर्दे नहीं थे। लेबर रूम में यूज्ड डिस्पोजल सिरिंज फैली हुई थीं। डॉ. अग्रवाल ने सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला को रिपोर्ट भेज दी है।
सीएचसी में अव्यवस्थाओं की जानकारी मिली है। प्राइमरी स्कूल को आयरन टेबलेट कब भेजी गई हैं, इसका फार्मेसिस्ट से रिकार्ड मंगाया है। मामले की जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। - डॉ. विनीत शुक्ला, सीएमओ