सीबीगंज। डीफार्मा का कोर्स कराने के नाम पर खुसरो डिग्री कॉलेज के छात्रों से मोटी रकम वसूलने के मामले में डीएम की गठित टीम ने जांच शुरू कर दी है।
वर्ष 2019 से लेकर अब तक 400 छात्रों ने खुसरो डिग्री कॉलेज ने डीफार्मा का कोर्स करने के लिए प्रवेश लिया। फीस के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूली गई। कोर्स पूरा होने पर फर्जी डिग्री भी दे दी गई। छात्र जब नौकरी के लिए पहुंचे तब कागजों के सत्यापन पर फर्जी मार्कशीट होने की जानकारी मिली।
डीएम रविंद्र कुमार ने इस मामले की जांच एसडीएम मीरगंज (न्यायिक) रामजनम यादव व राजकीय पॉलीटेक्निक सीबीगंज के प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह को सौंपी है। टीम ने पीड़ित छात्र केशव सिंह, शनि मौर्य, अजय सिंह आदि से पूछताछ की। इसके बाद टीम ने आठ बिंदुओं पर खुसरो आईटीआई के प्रधानाचार्य व पैरा मेडिकल कोर्स के इंचार्ज विश्वनाथ शर्मा से आख्या मांगी है। संवाद
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इन बिंदुओं पर मांगी जानकारी
वर्ष 2019 से 2024 तक किस वर्ग में कितने बच्चों ने डीफार्मा में प्रवेश लिया
बच्चों से कितनी फीस ली गई, रसीद की छाया प्रति
परीक्षा के लिए छात्रों का किस संस्थान से फॉर्म भरवाया
छात्रों ने किस संस्थान से परीक्षा दी
छात्रों की डिग्री किस संस्थान से जारी हुई
डिग्री जिस संस्थान की है, उसका इस कॉलेज के लिए कोई अथॉरिटी लेटर
आस्था कंसल्टेंसी और डिग्री कॉलेज के बीच अनुबंध का पत्र
इसके अतिरिक्त अन्य संबंधित आवश्यक अभिलेख
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मैं खुसरो कॉलेज गया था कुछ बिंदुओं पर उनसे रिपोर्ट मांगी है। पीड़ित छात्रों से भी पूछताछ की है। जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। - रामजनम यादव, एसडीएम मीरगंज (न्यायिक)