बरेली। लोक निर्माण विभाग में फर्जीवाड़ा करके लिपिक पद पर नियुक्ति हासिल करने के दो मामलों में कार्रवाई बार-बार अटक रही है। अरसे बाद जांच तो हुई पर रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता (एसई) कार्यालय में अटक गई।
पुराना शहर के कफील सकलैनी ने समीक्षा सिंह व श्वेता जौहरी पर फर्जीवाड़ा करके मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति हासिल करने का आरोप लगाया था। प्रमुख सचिव, प्रमुख अभियंता, मंडलायुक्त को शिकायती पत्र भेजा था। शासन ने जांच के आदेश दिए थे। पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता ने 16 अक्तूबर 2023 को शाहजहांपुर के अधिशासी अभियंता रथिन सिन्हा को जांच सौंपी थी। 22 जून 2024 को जांच रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता कार्यालय को प्रेषित की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अब एक बार फिर मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर कहा गया है कि दोष सिद्ध होने के बाद भी कार्रवाई निलंबन तक सीमित है। आरोप है कि जांच रिपोर्ट को एक अधिकारी दबाए बैठे हैं। अधीक्षण अभियंता प्रकाश चंद्र ने कहा कि जांच रिपोर्ट के बारे में अधिशासी अभियंता को बुलाकर बातचीत करेंगे। इसके बाद कार्रवाई होगी। ब्यूरो