बरेली। खाद्य विभाग की तरफ से परसाखेड़ा स्थित नमकीन फैक्टरी में दो सप्ताह पहले पकड़े गए एक्सपायर तेल की जांच अब तक पूरी नहीं हो सकी। इस वजह से रिपोर्ट को न्यायालय में पेश नहीं किया जा सका। विभाग का दावा है कि मौके से लिए गए नमकीन के नमूने की जांच रिपोर्ट व विवेचना साथ में प्रस्तुत की जाएगी।
खाद्य विभाग की टीम ने 12 जुलाई की शाम को परसाखेड़ा स्थित दो नमकीन फैक्टरियों पर छापा मारा था। आलम फूड प्रोडक्ट्स (जीएस ब्रांड नमकीन) में नमकीन निर्माण के लिए 89 टिन में रखे 1,385 किलो रिफाइंड पामोलिन तेल की एक्सपायरी मई 2026 पाई गई। स्टॉक को जब्त कर मिलावट की आशंका में नमकीन का एक नमूना जांच के लिए भेजा गया है।
खाद्य विभाग की जांच में पता लगा कि श्यामगंज स्थित जय ट्रेडिंग कंपनी से तेल की आपूर्ति की गई थी। तेल के टिन पर बैच नंबर भी नहीं था। खाद्य विभाग की तरफ से पूरे प्रकरण की विवेचना करके एक सप्ताह में रिपोर्ट को न्यायालय में प्रस्तुत करने का दावा किया जा रहा था, पर ऐसा नहीं हो सका।
वर्जन
एक्सपायर तेल व नमकीन के नमूने की जांच की रिपोर्ट को एक साथ न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। इसी के चलते देरी हो रही है। - राहुल सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य