आईवीआरआई में आयोजित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जागरूकता कार्यक्रम, किसान सम्मेलन एवं कृषि प्रदर्शनी में किसानों को फसल बीमा की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि रबी की फसल पर एक फीसदी, खरीफ पर डेढ़ फीसदी और बागवानी पर पांच फीसदी का लाभ दिया जाएगा। जागरूकता कार्यक्रम के साथ 25 किसानों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री संतोष गंगवार रहे। उन्होंने परंपरागत खेती के साथ नियोजित खेती पर जोर दिया। कहा कि खेती में वैज्ञानिकता का समावेश भी किया जाना चाहिए। विशिष्टि अतिथि सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने कहा कि खुशहाली का रास्ता खेत-खलिहान से होकर जाता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डायरेक्टर डॉ. आरके सिंह ने संस्थान के बारे में बताया। संस्थान के संयुक्त निदेशक, प्रसार शिक्षा डॉ. एके गर्ग ने भारत सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रमुख विशेषताएं बताईं। समारोह में केवीके जोन-4 के डॉ. अतर सिंह ने विचार व्यक्त किए। मंच संचालन डॉ. सत्यवीर सिंह मलिक ने किया और कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. बीपी सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर केवीके के डॉ. अजय सेन चौधरी, संयुक्त निदेशक डॉ. बीपी मिश्रा, डॉ. वीके गुप्ता, डॉ. महेश चंदर, डॉ. रंजीत सिंह आदि तमाम अधिकारी, वैज्ञानिक और कर्मचारी मौजूद रहे।
बकरी के दूध का एंटी सेप्टिक सोप रहा आकर्षण का मुख्य केंद्र
बरेली। कृषि प्रदर्शनी में केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान मथुरा के स्टॉल पर लोगों की भीड़ लगी रही। यहां बकरी के दूध से बना एंटी सेप्टिक सोप सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। दूध और ग्लिसरीन से इसे बनाया गया है जो बाजार में भी उपलब्ध है। इसके अलावा गोट मीट से बनी नमकीन, बिस्कुट को भी लोगों ने खरीदा। मथुरा से आए डॉ. एके दीक्षित ने लोगों ने प्रोडक्ट की जानकारी दी। दूसरे स्टॉल पर टर्की, इमू, देसी मुर्गी आदि के अंडों को रखा गया था। प्रदर्शनी में केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान लखनऊ के अतिरिक्त बीज, उर्वरक, पशुपालन औषधियों के निर्माता कंपनियों के स्टाल भी लगाए गए।
ये किसान हुए सम्मानित
एकीकृत मिश्रित फसल उत्पादन, डेयरी व्यवसाय, मत्स्य पालन के लिए केंद्रपाल सिंह, राम नरायन, दलहन तिलहन उत्पादन, मेंथा फसल, जैविक खेती के लिए अरुण कुमार, खाद्यान्न फसलें, गन्ना, फल, सब्जी उत्पादन के लिए विनय कुमार, उच्च गुणवत्ता की सब्जी शिमला मिर्च, हरी मिर्च, आलू, गोभी का उत्पादन, मदर डेयरी दिल्ली को आपूर्ति पर मोहम्मद अफजाल, डेयरी व्यवसाय, धान गेहूं, गन्ने की नवीन प्रजातियों के उत्पादन के लिए नेपाल सिंह, सब्जियों में एकीकृत नाशी जीव प्रबंधन के लिए गया प्रसाद, बभिया में महिलाओं का समूह बनाकर खाद्य प्रसंस्करण, डिटरर्जेंट बनाना, दुग्ध उत्पाद बनाकर महिला सशक्तिकरण करने के लिए सावित्री, गांव में फसल सब्जी परीक्षण दुग्ध, दुग्ध उत्पादन, डिटर्जेंट आदि गांव में बनाकर दूसरी महिला को सशक्त करने के लिए रेखा, पेठा बैंगन, मिर्च, करेला आदि सब्जियों के सफल उत्पादक असद अली, फसल उत्पादन, पशुपालन, कृषक फसल बीमा, किसानों के बीच प्रसार कार्यों को बढ़ावा देने के लिए रामपाल गंगवार, पापुलर, मेंथा, गेहूं धान, दलहन, तिलहन के फसल किसान रुवेंद्र कुमार, दलहन, तिलहन उत्पादन में अपने क्षेत्र के लिए सफल किसान राकेश यादव, दलहन, तिलहन उत्पादक सुख्खन लाल गंगवार, गेहूं, धान, गन्ना और सहफसली खेती रामपाल, मौनपालन, डेयरी व्यवसाय सावलिया शरण सिंह, गेहूं, धान, गन्ना के साथ सब्जी, पशुपालन के सफल किसान सरदार सुखदेव सिंह, खाद्यान्न एवं सब्जी फसलों में जैविक प्रयोग के लिए राधा कांत, गेहूं, धान, गन्ना, पापलर और सब्जी के सफल उत्पादक ओमप्रकाश, औषधीय फसलों की खेती, वर्मीकम्पोस्ट के तेज बहादुर, माइक्रो इरीगेशन, दलहन, तिलहन, पापलर औषधीय फसलों की खेती के लिए सुमित पटेल, पेरावेट में उत्कृष्ट कार्य के लिए हीरा लाल, जैविक खेती के लिए अनिल साहनी, सोशल साइट के माध्यम से किसानों को जागरूक करने के लिए अवधेश कुमार, औषधीय फसलों की व्यावसायिक खेती के लिए धर्मेंद्र सहाय, नरेश पाल सिंह को सम्मानित किया गया।
0 19 फीसदी किसान है फसल बीमार के दायरे में
0 81 फीसदी किसान वंचित हैं फसल बीमा से
0 46 फीसदी किसान जानकारी के बावजूद इच्छुक नहीं
0 24 फीसदी को बीमा की सुविधा उपलब्ध नहीं
0 11 फीसदी बीमा की प्रीमियम राशि देने में सक्षम