बरेली। अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी अब खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे सकेंगे। इसके लिए आवेदन मांगे गए हैं। इनको काबिलियत के हिसाब से मानदेय भी दिया जाएगा।
स्टेडियम में कोच की तैनाती काफी लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। सिंथेटिक ट्रैक बनने के बाद खेलों के लिए जगह देना भी चुनौती बनता जा रहा है। अब अधिकारियों ने नया रास्ता निकाला है।
एडहॉक कोच के न आने तक स्टेडियम से ही खेलों के अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों से आवेदन मांगे जा रहे हैं। इन खिलाड़ियों को एडहॉक करने के लिए निदेशालय में इनकी फाइलें भेजी जाएंगी। काबिलियत के हिसाब से मानदेय भी एक निश्चित समय के लिए तय किया जाएगा। वहीं, खेलों को अपनी स्थाई जगह देने पर भी काम शुरू हो गया है। दरअसल स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक बनने के दौरान कई खेलों की जगह बदल गई है। फुटबॉल कोर्ट तक ठीक से नहीं बना है। हॉकी की जगह भी बदलती रहती है। ऐसे में अब खेलों को प्रशिक्षण के लिए उनकी स्थाई जगह देेने का काम भी शुरू हो गया है।
इन खेलों के लिए चाहिए कोच
हैंडबॉल, कबड्डी, लॉन टेनिस, जिम्नास्टिक, हॉकी और बॉक्सिंग के खेलों को काफी समय से कोच नहीं मिले हैं। कोच की मांग एसोसिएशन से लेकर विभागीय अधिकारी भी कर चुके हैं लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। संवाद
कोच की तैनाती हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन हम खिलाड़ियों को कुछ सहूलियत दे सकते हैं। उसी दिशा में काम चल रहा है। फाइलों को तैयार कर निदेशालय स्तर पर भेजने की दिशा में काम चल रहा है, सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही कोच भी मिल जाएंगे। - चंचल मिश्रा, आरएसओ