बरेली। बरेली-दिल्ली के बीच चलने वाली 14315-16 इंटरसिटी एक्सप्रेस पुराने और जर्जर आइसीएफ रैक के साथ दौड़ रही है। ट्रेन के लिए एक अदद चेयरकार एसी कोच नहीं मिल पा रहा। इसके स्थान पर नॉन एसी स्लीपर कोच लगाकर ट्रेन को चलाया जा रहा है। यात्री रोजाना हंगामा कर रहे हैं, लेकिन रेलवे का एक ही जवाब है कि कोच की उपलब्धता न होने के कारण ऐसा हो रहा है।
बरेली-दिल्ली और बरेली-लखनऊ रूट की ट्रेनों पर यात्रियों का सबसे ज्यादा दबाव रहता है। इंटरसिटी एक्सप्रेस बरेली से चलती है तो अमूमन इस ट्रेन में लोगों को कन्फर्म टिकट मिल जाता है। रेलवे के सिस्टम पर ट्रेन में सी-1 एसी चेयरकार कोच दिखा रहा है। यात्री इसमें टिकट बुक कर देते हैं यात्रा के लिए पहुंचते हैं तो पता लगता है कि सी-1 चेयरकार के स्थान पर ट्रेन में एस-1 स्लीपर नॉन एसी कोच है। भीषण गर्मी में नॉन एसी कोच में यात्रा करके यात्री परेशान हो रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि वह किराया एसी श्रेणी का देते हैं और यात्रा नॉन एसी में करनी पड़ रही है।
इस सीजन 15 मई को पहली बार सी-1 कोच के एसी ने काम बंद किया था। इसके बाद से लगातार ऐसा हो रहा है। तापमान बढ़ने के बाद एसी ने काम छोड़ दिया है। डीआरएम आरके सिंह का कहना है कि जिन यात्रियों ने एसी श्रेणी का टिकट होने के बावजूद नाॅन एसी में यात्रा की है उनको किराया रिफंड किया जाएगा। इंटरसिटी एक्सप्रेस के सी-1 एसी कोच में एक माह से समस्या थी। स्टेशन अधीक्षक भानु प्रताप सिंह ने बताया कि मंडल मुख्यालय से एक अतिरिक्त कोच मिल गया है। इसे दुरुस्त किया जा रहा है। शनिवार से ट्रेन का संचालन नॉन एसी स्लीपर कोच के स्थान पर एसी कोच के साथ किया जाएगा।