महजबीन और विशाल आठवीं कक्षा से एक-दूसरे को जानते थे। वे तभी से एक-दूसरे को पसंद करते थे। इंटरमीडिएट पास करने के बाद दोनों बालिग हो गए। उनके धर्म अलग होने के कारण परिवार वाले शादी के लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद दोनों ने विवाह करने का फैसला किया। वे अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचे और वहां धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी की।
लक्ष्मी बोलीं- हमें सनातन धर्म में विश्वास
लक्ष्मी ने बताया कि वह सनातन धर्म में विश्वास रखती है। यहां (हिंदू धर्म) में तीन तलाक और हलाला जैसी कुप्रथाएं नहीं हैं। हिंदू धर्म में महिलाओं को बुर्का या नकाब नहीं पहनना पड़ता है। महिलाओं को अभिव्यक्ति की पूरी आजादी मिलती है। लक्ष्मी विशाल के साथ पहले भी मंदिर जाती रही है।