बरेली। घरों में हो रहे प्रसव पर अंकुश लगाने के लिए बृहस्पतिवार को गांव हल्दीकला में स्वास्थ्य विभाग, पंचायतीराज विभाग, बाल विकास परियोजना विभाग, शिक्षा विभाग, यूनिसेफ की ओर से बैठक हुई। संस्थागत प्रसव के लाभ, घरेलू प्रसव के खतरे की जानकारी दी।
डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अहमद अंसारी ने बताया कि संस्थागत प्रसव से गर्भवती की नियमित जांच होती है। इससे गर्भ में पल रहा शिशु भी सुरक्षित रहता है। जान का जोखिम कम होता है। लिहाजा, ग्रामीणों को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया। यहां यूनिसेफ की डीएमसी नुरुल निशा, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह, एडीओ पंचायत राजीव शर्मा, सीडीपीओ राम गोपाल आदि मौजूद रहे। ब्यूरो