बरेली में स्थानीय सीआईडी दफ्तर में तैनात इंस्पेक्टर नरगिस खान ने मेरठ में दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामले में सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा प्रकोष्ठों व इकाइयों में तैनात रहीं। ऐसे में आय से अधिक संपत्ति का आरोप बेमतलब है। सारी रकम उनके पति सुरेश यादव की है। वह शराब व तेल कारोबारी हैं और हर साल लाखों रुपये आयकर भी जमा करते हैं। कौन पत्नी अपने पति का धन इस्तेमाल नहीं करती? फिर मैं क्यों न उड़ाऊं?
वर्ष 1990 बैच की दरोगा नरगिस खान बरेली में वर्ष 2018 से तैनात हैं। उनकी नियुक्ति पुलिस सहकारिता प्रकोष्ठ में थी, जो पिछले साल सीआईडी में समाहित हो गया और इसका दफ्तर एडीजी जोन परिसर में आ गया। नरगिस खान का फरवरी 2026 में रिटायरमेंट है। नरगिस ने बताया कि उनके बैच के इंस्पेक्टर वर्श 2018 में सीओ बन गए, पर उमा देवी की लगातार शिकायतों की वजह से उनका प्रमोशन तक अटक गया है।
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पति की बिजनेस पार्टनर पर बेईमानी का आरोप
नरगिस ने बताया कि उनके पति के चार पेट्रोल पंप, बार, साड़ी शोरूम, निर्माण व शराब का कारोबार है। उनकी सालाना आय करोड़ों में है और वह उसका विधिवत तरीके से टैक्स चुकाते हैं। उमा देवी एक पेट्रोल पंप में उनके पति की पार्टनर थीं। कोरोना महामारी के दौरान व्यवसाय प्रभावित हुआ तो उमा देवी ने बेईमानी कर ली। इसकी रिपोर्ट उन लोगों ने गाजियाबाद में दर्ज कराई थी। उसमें उमा देवी को हर्जाना देना पड़ा था। इसके बाद झूठी शिकायतों का दौर शुरू हो गया। विभागीय स्तर पर न्याय न मिला तो वह हाईकोर्ट जाएंगी।