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दुष्कर्म पीड़िता के खुदकुशी मामले में इंस्पेक्टर निलंबित, घटना के तीन घंटे बाद लिखी थी की रिपोर्ट

Tue, 18 Jun 2019 02:44 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बदायूं
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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दुष्कर्म पीड़िता के खुदकुशी करने के मामले में एसएसपी ने दातागंज थाने के इंस्पेक्टर अमृतलाल को निलंबित कर दिया है। चार दिन पहले एफआईआर लिखने के लिए एडीजी के आदेश के बावजूद थाना पुलिस ने तब रिपोर्ट लिखी, जब पीड़िता की जान देने की घटना को तीन घंटे बीत चुके थे। 

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महिला ने रिश्तेदार तीन लोगों पर अगवा कर सिकंदराबाद (हैदराबाद) ले जाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। उसका कहना था कि पिछले महीने वह अपना अल्ट्रासाउंड कराने शहर जा रही थी। तभी आरोपियों ने रास्ते से उसको पति की बीमारी का बात बताकर सिकंदराबाद साथ ले जाने का झांसा दिया। वह बहकावे में आकर उनके साथ चली गई, फिर सिंकदराबाद ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। किसी तरह चंगुल से छूटन के बाद वह दिल्ली पहुंची, जहां से उसके पिता दातागंज लेकर आए। इसके बाद वह शिकायत लेकर दातागंज कोतवाली, थाना सिविल लाइंस और एसएसपी कार्यालय भी गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंत में उसने 12 जून को एडीजी कार्यालय जाकर गुहार लगाई। वहां से रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश हो गए, लेकिन फिर भी कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इससे निराश होकर उसने रविवार सुबह करीब 11 बजे अपने घर में फंदे पर लटककर जान दे दी। इससे कोतवाली दातागंज पुलिस के हाथपांव फूल गए थे। इससे पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई और आनन-फानन में विवाहिता के शव का पोस्टमार्टम करा दिया। सोमवार सुबह परिवार वालों ने गांव के ही कब्रिस्तान में विवाहिता के शव को दफन कर दिया। इसकी सूचना पर विवाहिता की पति, फौज में तैनात भाई भी आ गया।

इधर, एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने मामले की जांच शुरू करा दी। इससे पता चला कि विवाहिता के खुदकुशी करने के बाद उन्हें अपनी गर्दन फंसती दिखी तो खुद को बचाने के लिए सोमवार दोपहर सामूहिक दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज की। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि अगर इंस्पेक्टर रिपोर्ट दर्ज कर लेते तो शायद विवाहिता की जान नहीं जाती। आरोपी भी पकड़े जा सकते थे। मामले को गंभीर मानते हुए एसएसपी ने सोमवार को इंस्पेक्टर अमृतलाल को सस्पेंड कर दिया। उनकी जगह इंस्पेक्टर गोविंद सिंह को भेजा गया है। 
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आरोपी तो नहीं पकड़े जा सके, दबाव बनाने में दो हिरासत में
मीडिया में मामला प्रमुखता से छाने के बाद हरकत में आई पुलिस ने सोमवार को मामले में परिजनों पर दबाव बनाने वाले म्याऊ निवासी आमिर और ग्राम भुंडी उसहैत निवासी राशिद को हिरासत में लिया है। इस मामले में नामजद मुख्य आरोपी म्याऊ निवासी समीर, अरबाज और जोहरा हालांकि पकड़ में नहीं आ सके। उन तीनों की तलाश में पुलिस ने कई जगह दबिश दी। 

पति बोला, इंस्पेक्टर कहते थे क्या करेगा जूठन का
पत्नी की मौत पर दिल्ली से लौटे पति ने भी इंस्पेक्टर अमृतलाल पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पति ने बताया कि वह करीब एक माह पहले ही यहां से दिल्ली गया था। उसकी पत्नी गायब थी। वह कई बार ससुराल वालों के साथ कोतवाली गया था। वह कार्रवाई के लिए कहता तो इंस्पेक्टर कहते कि उसकी पत्नी अपने प्रेमी संग भाग गई है। दो-चार दिन बाद खुद ही आ जाएगी। अब उसका क्या करेगा वो जूठन हो गई है। पुलिस के इस व्यवहार से परेशान होकर वह दिल्ली चला गया लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 

प्रथम दृष्टया मामले में लापरवाही मानते हुए इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। अभी मामले की जांच चल रही है। जो भी सच्चाई सामने आएगी, उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
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अशोक कुमार त्रिपाठी, एसएसपी

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