नीरज की बुआ की जमीन का फंसा पेच
तिहरे हत्याकांड में मामला धीरे-धीरे शांत हो रहा था। रुद्र के साथ घटना के दौरान मौजूद नीरज के पिता ओमवीर ने अपनी बुआ की छह बीघा जमीन खरीदी थी, जिसका बैनामा नहीं कराया था। बताते हैं कि वही जमीन कुछ समय बाद राजवीर सिंह के भाई आछु बाबू ने सरदार नगर निवासी एक व्यक्ति को बिकवा दी। तब से ओमवीर के परिवार से रंजिश बढ़ गई। दुश्मन का दुश्मन दोस्त होने से नीरज और रुद्र एक-दूसरे के ज्यादा करीब आ गए। भागवत कथा व कलश यात्रा में नीरज व रुद्र से सूर्यांश व नितिन की रामगंगा तट पर मारपीट हो गई थी।
पिता को किया था फोन
मुख्य हत्यारोपी के तौर पर नामजद सतीश सिंह की पुलिस ने कॉल डिटेल निकलवाई तो वह फरीदपुर की द्वारिकेश शुगर मिल में आई। सतीश वहीं पर कर्मचारी हैं। वह सुबह नौ बजे मिल गए थे। उनके मोबाइल पर घटना के बाद रुद्र के नंबर से एक कॉल जरूर की गई थी। पुलिस इसी आधार पर सतीश को साजिश रचने का आरोपी बना सकती है। हालांकि पूछताछ में रुद्र ने स्वीकार किया कि उसने पिता को कॉल करके माफी मांगी थी, कहा था कि गलती से कत्ल हो गया। चर्चा है कि रुद्र ने यह भी बताया कि एटा से तमंचा खरीदा था।
अंतिम संस्कार में पहुंचे विधायक
गांव घिलौरा निवासी सूर्यांश का शव सोमवार दोपहर बाद गांव लाया गया। शव का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में हुआ जिसमें पिता ने मुखाग्नि दी। बिथरी विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।