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सूर्यांश हत्याकांड: लोकसभा चुनाव से शुरू हुई रंजिश, जमीन विवाद से हुई खूनी; आरोपी बोला- हत्या का इरादा नहीं था

Tue, 19 Dec 2023 03:04 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बल्लिया निवासी छात्र सूर्यांश अपने छोटे भाई नितिन के साथ बाइक में पेट्रोल भरवाने के बाद बाजार जा रहा था। रास्ते में साइकिल से आए दो लड़कों ने उसे घेर लिया और उसके सीने में गोली मार दी। एक आरोपी रुद्र प्रताप खुद थाने पहुंच गया था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसमें कई बातें सामने आईं हैं। 
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सूर्यांश का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के भमोरा क्षेत्र में सूर्यांश हत्याकांड के आरोपी रुद्र से पूछताछ के दौरान कई बातें सामने आईं हैं। उसने पुलिस को बताया कि योजनाबद्ध तरीके से कुछ नहीं किया। सामने आने पर गालीगलौज के बाद उसने गुस्से में गोली चला दी। दूसरी ओर ग्रामीणों में चर्चा है कि सांसद के चुनाव से शुरू हुई रंजिश में जमीन विवाद ने मामले को और बढ़ा दिया। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।  

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रविवार दोपहर बड़े भाई नितिन के साथ बल्लिया में सामान खरीदने गए कक्षा 10वीं के छात्र सूर्यांश की गांव निवासी रुद्र प्रताप उर्फ देव ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। लोगों के मुताबिक रुद्र के साथ उसका दोस्त नीरज था। दोनों ही घर से नलकूप जाने की बात कहकर निकले थे, हालांकि सूर्यांश के पिता ओमवीर ने रुद्र के पिता सतीश के साथ होने और उसी के हाथों गोली चलाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। 

सीओ समेत पुलिस ने घटनास्थल व बल्लिया में सीसीटीवी फुटेज की जांच की। पता लगा कि 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में दो ठाकुर प्रत्याशी आमने-सामने थे। इसमें कुंवर सर्वराज सिंह जेडीयू से व राजवीर सिंह सपा से प्रत्याशी थे। राजवीर सिंह के पक्ष में गांव घिलौरा निवासी सूर्यांश के ताऊ राजवीर चुनाव लड़ा रहे थे। वहीं सर्वराज सिंह को रुद्र के दादा वीरपाल सिंह चुनाव लड़ा रहे थे। मतदान के दिन दोनों में कुछ कहासुनी हो गई थी, जिसके बाद राजवीर ने वीरपाल व सतीश समेत पांच लोगों पर मुकदमा करा दिया था। इससे रंजिश बढ़ गई।
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इसके बाद हुए प्रधानी चुनाव में आरक्षण बदला तो राजवीर सिंह ने दयाराम कश्यप को लड़ाया तो सतीश ने दिनेश शर्मा को चुनाव लड़ाया। दिनेश की जीत हो गई थी। इन्हीं दिनों में 2011 में लंगुरा गांव में दोनों पक्षों की कारें आमने-सामने आने पर गोलियां चलीं, जिसमें वीरपाल, राजवीर सिंह व रतन सिंह की मौत हो गई थी।

नीरज की बुआ की जमीन का फंसा पेच
तिहरे हत्याकांड में मामला धीरे-धीरे शांत हो रहा था। रुद्र के साथ घटना के दौरान मौजूद नीरज के पिता ओमवीर ने अपनी बुआ की छह बीघा जमीन खरीदी थी, जिसका बैनामा नहीं कराया था। बताते हैं कि वही जमीन कुछ समय बाद राजवीर सिंह के भाई आछु बाबू ने सरदार नगर निवासी एक व्यक्ति को बिकवा दी। तब से ओमवीर के परिवार से रंजिश बढ़ गई। दुश्मन का दुश्मन दोस्त होने से नीरज और रुद्र एक-दूसरे के ज्यादा करीब आ गए। भागवत कथा व कलश यात्रा में नीरज व रुद्र से सूर्यांश व नितिन की रामगंगा तट पर मारपीट हो गई थी।

पिता को किया था फोन 
मुख्य हत्यारोपी के तौर पर नामजद सतीश सिंह की पुलिस ने कॉल डिटेल निकलवाई तो वह फरीदपुर की द्वारिकेश शुगर मिल में आई। सतीश वहीं पर कर्मचारी हैं। वह सुबह नौ बजे मिल गए थे। उनके मोबाइल पर घटना के बाद रुद्र के नंबर से एक कॉल जरूर की गई थी। पुलिस इसी आधार पर सतीश को साजिश रचने का आरोपी बना सकती है। हालांकि पूछताछ में रुद्र ने स्वीकार किया कि उसने पिता को कॉल करके माफी मांगी थी, कहा था कि गलती से कत्ल हो गया। चर्चा है कि रुद्र ने यह भी बताया कि एटा से तमंचा खरीदा था।
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अंतिम संस्कार में पहुंचे विधायक
गांव घिलौरा निवासी सूर्यांश का शव सोमवार दोपहर बाद गांव लाया गया। शव का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में हुआ जिसमें पिता ने मुखाग्नि दी। बिथरी विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
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