विदेश मंत्रालय ने आवेदकों को जल्द से जल्द पासपोर्ट सौंपने लिए सेवा केंद्र खोले और पुलिस वेरीफिकेशन रिपोर्ट आनलाइन उपलब्ध कराने को सभी जिले पासपोर्ट कार्यालय से जोड़े गए हैं। इसके बावजूद कई जिलों से जांच आख्या समय से उपलब्ध नहीं हो रही है। जांच में तीन सप्ताह तक का समय लगने से हजारों आवेदक परेशान हैं।
2012 से पासपोर्ट आवेदन व्यवस्था आनलाइन हो गयी है। इससे अब लोग अप्वाइंटमेंट आसानी से पाने लगे हैं। बरेली कार्यालय से जुड़े आवेदकों को औसतन तीसरे दिन ही समय आवंटित हो रहा है। लेकिन पुलिस और एलआईयू आख्या पुराने ढर्रे से ही मिल रही है। इसलिए सामान्य श्रेणी में आवेदन करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। काफी सिफारिशों के बावजूद जांच आख्या औसत दिन ग्राफ नीचे नहीं आ पा रहा है। रिपोर्ट देने में कासगंज जिला सबसे पीछे है। इस जिला से औसतन 40 दिनों में मिल रही है, जबकि एटा जिला दस और संभल 13 दिन में रिपोर्ट दे रहा है। आख्या देने में ज्यादा दिन लगने से वेरीफिकेशन रिपोर्ट औसत तीन सप्ताह हो गया है। इससे साफ है कि आख्या देने में फिसड्डी जिलों की वजह से पासपोर्ट प्रक्रिया में अनावश्यक देरी हो रही है।
जिला औसत दिन आख्या
बरेली 15
बदायूं 18
पीलीभीत 15
शाहजहांपुर 17
अमरोहा 20
बिजनौर 18
संभल 13
रामपुर 20
मुरादाबाद 18
एटा 10
फिरोजाबाद 20
कासगंज 40
मैनपुरी 18
150 रुपये रिपोर्ट शुल्क
विदेश मंत्रालय एक इनक्वायरी पर 150 रुपये फीस देता है। जो सीधे पुलिस विभाग पहुंचती है। समय से आख्या नहीं मिलने पर शुल्क रोक दिया जाता है।
‘वेरीफिकेशन आनलाइन मांगी जा रही है। गिने चुने जिले ही इसका सही उपयोग कर हैं। इसलिए औसत तीन सप्ताह हो गया है। इसे घटाकर एक सप्ताह आसानी से किया जा सकता है। इससे आवेदकों को जल्द पासपोर्ट मिलने लगेंगे।’
- राम सिंह, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी