बच्चों से जब पूछा गया कि उनके पापा क्या करते हैं? तो बच्चे की आवाज तो नहीं निकली, लेकिन उसके आंसू जरूर टपक गए। आंसू को छिपाने के लिए बच्चे ने अपना मुंह ढक लिया। भाई को रोता देख उसके साथ तरबूज बेचने निकली बहन की भी आंखें भर आईं।
कुछ देर में खुद को संभालते हुए उन्होंने बताया कि उसके घर में खाना नहीं है। कोई देने भी नहीं आया। इसलिए वह तरबूज बेच रहे हैं। बच्चे ने बताया कि वह सुबह से 300 रुपए के तरबूज बेच चुका है।