बरेली। गेहूं, धान और गन्ने की परंपरागत खेती के बीच किसानों को दलहन और तिलहन की ओर प्रोत्साहित करने के लिए कृषि विभाग ने पहल की है। पहली बार मसूर के बीज के सामान्य वितरण पर किसानों को 100 फीसदी अनुदान मिलेगा, जो पहले 50 फीसदी था। जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी के अनुसार, दलहनी फसलों की खेती को बढ़ावा मिलने से किसानों को फसल चक्र में बदलाव का विकल्प मिलेगा। दलहन की खेती से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है। किसान बीज प्राप्त करने के लिए बुकिंग कराने के बाद स्थानीय गोदाम पर संपर्क करें।
इन फसलों के बीज पर भी अनुदान
विभाग के पास जिले में वितरण के लिए मटर के 256 क्विंटल बीज आवंटित किए जाने हैं। मटर की आठ साल से कम पुरानी प्रजातियों पर 75 प्रतिशत और आठ से 10 साल तक की प्रजातियों पर 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। मसूर के 357 क्विंटल बीज वितरित किए जाएंगे। मसूर की आठ साल से कम पुरानी प्रजातियों पर 100 प्रतिशत और आठ से 10 साल तक की प्रजातियों पर 75 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। वहीं, गेहूं के 15,510 क्विंटल बीज विभाग के पास मौजूद हैं।