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कोरोना संक्रमित दंपती के आठ साल के बेटे में भी संक्रमण की पुष्टि

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फरीदपुर के वाहनपुर में दो दिन पहले मुंबई से आए दंपती में हुई थी संक्रमण की पुष्टि

बरेली। आईवीआरआई से देर शाम प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को एक आठ वर्षीय बच्चा कोरोना पॉजिटिव मिला है। रिपोर्ट मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चे को एल-1 कोविड-19 अस्पताल में शिफ्ट करा दिया है। इधर, आईवीआरआई से मिली 98 संदिग्धों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
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जिला सर्विलांस अधिकारी एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि जिले में 10 वर्ष से कम उम्र के किसी बच्चे के संक्रमित पाए जाने का यह पहला मामला है। इससे पहले फरीदपुर की एक 11 साल की बच्ची और 12 साल के बच्चे में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उन्होंने बताया कि बच्चा अपने माता-पिता के साथ मुंबई से लौटा था। इसके अलावा दंपती के एक चार माह के बेटे का भी सैंपल लेकर जांच को आईवीआरआई भेजा जा चुुका है। मगर, उसकी रिपोर्ट अभी आनी है। संक्रमित बच्चा अपने चाचा के साथ घर पर रह रहा था। चाचा की जांच रिपोर्ट पहले ही निगेटिव आ चुकी है। वह होम क्वारंटीन हैं।

रात भर घर पर ही रहा संक्रमित, हंगामा हुआ तो किया आइसोलेट

बरेली। प्रवासियों की सख्त निगरानी में हो रही चूक के बाद स्वास्थ्य विभाग अब संक्रमण की पुष्टि के बाद भी संक्रमितों को आइसोलेट करने में लापरवाही बरत रहा है। शुक्रवार को संक्रमित मिलने के बाद घर से भाग निकले चकमहमूद के युवक को किसी तरह पुलिस ने खोजा तो स्वास्थ्य विभाग के अफसर उसे आइसोलेट कराना ही भूल गए। सुबह मोहल्ले वालों को जानकारी हुई तो वह हंगामा करने लगे। जानकारी पर आनन-फानन में अफसरों ने एंबुलेंस भेजकर युवक को एल-1 कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराया।
शुक्रवार को मुंबई से वापस पुराना शहर स्थित चकमहमूद पहुंचे युवक में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसकी सूचना मिलते ही युवक घर से भागकर पड़ोस में छिप गया। पुलिस युवक को खोजकर घर पर ले गई और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को सूचना दे दी। बताया जाता है कि जानकारी मिलने के बाद सर्विलांस टीम ने एंबुलेंस स्टाफ को संक्रमित युवक के घर जाकर उसे इलाज के लिए एल-1 कोविड अस्पताल में भर्ती कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन एंबुलेंस कर्मी युवक को लेने गए ही नहीं। सुबह जब इसकी जानकारी मोहल्ले के लोगों को हुई तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की कारस्तानी के चलते वे मोहल्ले में अन्य लोगों के भी संक्रमित होने की आशंका जताने लगे। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इसकी जानकारी अफसरों को दी। इस पर सीएमओ ने दोपहर करीब 12 बजे सर्विलांस टीम को तत्काल संक्रमित युवक को अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए। इसके बाद एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची और युवक को अस्पताल ले गई।

एंबुलेंस स्टाफ को भारी पड़ सकती है लापरवाही

सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल के मुताबिक, युवक को अस्पताल तक ले जाने की जिम्मेदारी एंबुलेंस स्टाफ को दी गई थी। एंबुलेंस स्टाफ की लापरवाही के चलते युवक रात भर घर पर ही रहा। किस एंबुलेंस चालक और ईएमटी को उसे अस्पताल में भर्ती कराने की जिम्मेदारी दी गई थी, इस बाबत जानकारी जुटाई जा रही है। संबंधित जानकारी मिलने पर स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि इससे पहले डेलापीर के बिहारमान नगला के युवक में संक्रमण की पुष्टि होने पर भी उसे करीब 12 घंटे बाद अस्पताल में आइसोलेट किया गया था।

9360 लोगों की हुई स्क्रीनिंग, 111 के लिए गए सैंपल

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को हॉटस्पॉट एरिया पुराना शहर चकमहमूद, सीबीगंज के सरनियागंज, मोहल्ला बिहारमान नगला में 36 टीमों ने 1872 घरों का सर्वे किया। इसमें 9360 लोगों की स्क्रीनिंग हुई, लेकिन कोई संदिग्ध संक्रमित नहीं मिला। वहीं, तीन सौ बेड अस्पताल में चल रही स्क्रीनिंग में 153 लोगों की जांच की गई और 109 संदिग्ध संक्रमितों के सैंपल लिए गए। वहीं, दो सैंपल एमएमयू की टीम ने लिए हैं।

गोंडा की प्रसूता समेत फर्रखपुर, एजाजनगर गौंटिया, सिरौली के संक्रमित युवक डिस्चार्ज

शनिवार को चार कोरोना संक्रमित रहे मरीजों की दो क्रमिक जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। इनमें महिला अस्पताल में संक्रमित मिली प्रसूता जो दिल्ली से गोंडा जा रही थी, की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसके अलावा फरीदपुर के फर्रखपुर, शहर के एजाजनगर गौंटिया और रामनगर के सिरौली के संक्रमित प्रवासी युवक की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। इन सभी को डिस्चार्ज कर दिया गया है।

 

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