बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को एकेडमिक एक्सीलेंस एडवाइजरी समिति की बैठक हुई। समिति के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के वर्तमान पाठ्यक्रमों की समीक्षा की। उन्हें उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप अद्यतन किए जाने पर विशेष बल दिया गया।
मीडिया प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि बैठक में सुझाव दिया गया कि पाठ्यक्रमों में उद्योग-विशिष्ट मॉड्यूल शामिल किए जाएं। साथ ही, विभिन्न पाठ्यक्रम समितियों में उद्योग विशेषज्ञों को नामित किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव मिल सके।
शिक्षाविदों ने विद्यार्थियों की कौशल वृद्धि के लिए अल्पकालिक, प्रमाणपत्र और डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने की सिफारिश की। ऐसे कौशल आधारित कार्यक्रम विकसित करने को कहा गया जिनसे विद्यार्थी केवल नौकरी तलाशने वाले न रहकर रोजगार सृजक बन सकें।
बैठक में विमानन, औषधि विज्ञान, चिकित्सा और भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित नए पाठ्यक्रमों के विकास पर चर्चा हुई। परिसर में भारतीय ज्ञान परंपरा अनुसंधान केंद्र व कौशल मंडपम नामक कौशल विकास केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया गया। उद्भवन फाउंडेशन के माध्यम से नए उद्यमों और उद्यमियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस दौरान कुलपति अनिल कुमार राय व अन्य उपस्थित रहे।