बरेली। लंबे समय से अपने हाल पर छोड़ दिए गए रायफल क्लब के दिन जल्द ही बदलेंगे। प्रशासन ने इसे संवारने की पूरी प्लानिंग बना ली है। यहां मेन बिल्डिंग के पास पड़ी खाली जमीन पर अब ओपन जिम बनाया जाएगा। निशानेबाजी करने वाले ग्राउंड में एक साइड में इनडोर गेम्स के लिए बड़ा हॉल बनाने की भी प्लानिंग है। इसके अलावा यहां के बेहद पुराने हथियार सहित अन्य साजो-सामान को हटाने के बजाय उन सभी के लिए डिस्प्ले काउंटर बनाकर पब्लिक के लिए संरक्षित किया जाएगा।
रायफल क्लब का काफी समय से रखरखाव न होने से उसकी बिल्डिंग जर्जर हो गई थी। फर्श टूटने के साथ उनकी दीवारें भी दरक गईं थी। बताते हैं कि यहां सुविधाएं न मिलने से निशानेबाज भी कम आ रहे थे। डीएम नितीश कुमार ने यहां टाइल्स लगाने के साथ मरम्मत का काम करा दिया है। अब यहां पुरानी बिल्डिंग के पास ही स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट से ओपन जिम बनाया जाएगा। निशानेबाजी के लिए ग्राउंड को नए सिरे से ठीक कराया जाएगा। साथ ही यहां एक तरफ इनडोर गेम्स के लिए बहुउद्देश्यीय भवन भी बनेगा। ताकि इसमें बैंडमिंटन, बॉलीवाल सहित दूसरे प्रतियोगिताओं को कराया जा सके। इस बिल्डिंग को बनाने का खर्च रायफल क्लब के फंड से पूरा किया जाएगा। डीएम नितीश कुमार का कहना है कि रायफल क्लब में बेहद पुरानी रायफल और निशानेेबाजों के अन्य साजो सामान भी उपलब्ध है। इन शस्त्रों को पब्लिक देेख सके, इसके लिए डिस्प्ले काउंटर भी बनेगा। डीएम ने बताया कि यहां जल्द ही प्रतियोगिता कराने की तैयारी है, लेकिन अभी देखना होगा कि कोविड के प्रोटोकॉल के तहत इसकी अनुमति है या नहीं। इनकी तैयारियों को लेकर डीएम नितीश कुमार ने एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह के साथ रायफल क्लब पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।
तहसील में चल रही ब्रिटिश कालीन भवन की मरम्मत की भी जायजा लिया
तहसील प्रशासन ने ब्रिटिश कालीन बने भवन को तोड़कर नया बनाने के बजाय उसी की मरम्मत का काम कराने का फैसला लिया था। डीएम ने शनिवार को तहसील में चल रहे मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि इस बिल्डिंग में बाहर से मंगवाए गए लाल और सफेद पत्थर लगवाए जाएंगे। डीएम ने नई बिल्डिंग के निर्माण कार्य को भी देखा।
‘रायफल क्लब को नए सिरे से ठीक कराया जाना है। यहां ओपन जिम बनाने के साथ कई और निर्माण कार्य भी किए जाएंगे। इसे लेकर प्लानिंग बनाई गई है।’
- नितीश कुमार, जिलाधिकारी