एंटी माइक्रोबियल रेसिस्टेंस से निजात के लिए विकल्प की तलाश
डॉ. संजय कुमार ने बताया कि कई किसान मुर्गियों को बीमारी से बचाने के लिए उनको एंटीबॉयोटिक का सेवन कराते हैं। इससे एंटी माइक्रोबियल रेसिस्टेंस विकसित होता है, पर सीएआरआई ने हर्बी ग्रो व अन्य खाद्य उत्पाद तैयार किए हैं। उनके सेवन से एंटीबॉयोटिक की जरूरी नहीं पड़ती। अब दूसरे संस्थान भी एंटीबॉयोटिक दवाओं का विकल्प खोज रहे हैं।
एएसआरबी के पास कोई रिक्त पद नहीं
चेयरमैन के मुताबिक एएसआरबी के पास आईसीएआर के अधीन संचालित देश के किसी भी अनुसंधान संस्थान में अब वैज्ञानिकों का कोई पद रिक्त नहीं है। मानव संसाधन की जरूरत के लिए संस्थानों को आईसीएआर में प्रस्ताव रखना होगा। उन्होंने समाजहित में वैज्ञानिकों को निरंतर नवाचार के लिए प्रेरित किया। अनुसूचित वर्ग के किसानों को सिलाई मशीन, कुक्कुट, चारा आदि वितरित किया गया।
क्या है क्रिस्पर कैस तकनीकी
जीनोम में मौजूद डीएनए को संपादित करने की तकनीकी क्रिस्पर कैस है। इसके जरिये किसी जीव के आनुवंशिक गठन में बदलाव किया जा सकता है।
75 वर्षों में कई गुना बढ़ा उत्पादन
एएसआरबी चेयरमैन ने बताया कि वर्ष 1950 में देश में अंडा उत्पादन 1.8 बिलियन था, जो अब 122 बिलियन पहुंच गया है। यह अनुसंधान का ही परिणाम है। कैरी निर्भीक नस्ल मुक्तेश्वर भेजी गई और परिणाम बेहतर मिल रहे हैं। अगर जीनोम के साथ इंजीनियरिंग का मेल हो तो टर्की, बत्तख तटीय के बजाय मैदानी क्षेत्र में तेजी भी बढ़ेंगे।