कैंसर मरीजों को किराये में बड़ी रियायत
कैंसर पीड़ित रेलवे कर्मचारियों के अलावा सामान्य व आम लोगों के लिए भी रेलवे किराये में काफी छूट दे रहा है। कैंसर रोगियों को स्लीपर और एसी तृतीय श्रेणी में 100 प्रतिशत, एसी द्वितीय श्रेणी में 75 और एसी प्रथम श्रेणी में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
मुंह, लंग्स, गाल ब्लैडर के बढ़े कैंसर रोगी
वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ डॉ. आरके चितलांगिया के मुताबिक वर्तमान में पान मसाला, धूम्रपान, शराब का सेवन बढ़ा है। जिससे मुंह, जीभ, लंग्स और गाल ब्लैडर (पित्ताशय) के कैंसर रोगी बढ़े हैं। बताया कि मुंह और लंग्स के कैंसर के लक्षण जल्दी उभरते हैं पर अनदेखी से गंभीर हो जाते हैं। जबकि गाल ब्लैडर का कैंसर कोशिकाओं के अनियंत्रित रूप से बढ़ने से होती है। जो ट्यूमर के रूप में बढ़ता है। जीवनशैली, आहार में सकारात्मक बदलाव से कैंसर से काफी हद तक निजात संभव है। संदिग्ध लक्षण उभरने पर तत्काल जांच कराने से रोग को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
प्रतिमाह गंभीर मरीजों की संख्या में तीन गुना बढ़त
मंडलीय रेलवे अस्पताल में दो साल पहले तक औसतन कैंसर के दो संदिग्ध मरीज आते थे, अब यह संख्या आठ तक पहुंच गई है। हृदय रोगियों की संख्या 25 के पार है। बताते हैं कि करीब दो सौ से ज्यादा रेलकर्मियों का इलाज हायर सेंटर में चल रहा है। नियमानुसार इलाज खर्च रेलवे वहन कर रहा है। मंडलीय रेलवे अस्पताल के कैंसर रोग सर्जन डॉ. आशुतोष शंखधार ने बताया कि कैंसर रोगियों की संख्या पहले के मुकाबले बढ़ी है। कैंसर रोगियों की पहचान के लिए रेलवे समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर रहा है।