फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: भारत-पाक तनाव से कारोबार हो रहा प्रभावित, 25 फीसदी गिरावट

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बनी तनाव की स्थिति के चलते सीमा से सटे राज्यों में हाई अलर्ट है। इसके चलते बरेली के उत्पादों के निर्यात में करीब 25 फीसदी की गिरावट भी आई है। कारोबारियों के मुताबिक ऑर्डर नहीं मिल रहे। पहले भेजे गए माल का भुगतान भी फंसा है।
विज्ञापन

बरेली से जरी जरदोजी, चावल, प्लाईवुड का निर्यात पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर आदि सीमा से सटे राज्यों के लिए होता है। जब भारत-पाक के बीच तनाव बढ़ा तो ऑर्डर मिलना बंद हो गए। बरेली में स्थिति सामान्य है, लिहाजा, वजह का अंदाजा नहीं लगा सके। फोन रिसीव नहीं होने पर मामला गंभीर प्रतीत हुआ।
ऑर्डर न मिलने पर कुछ कारोबारियों ने अपने प्रतिनिधि भेजे तो कुछ खुद ही कारोबारी मीटिंग के लिए पहुंच गए, पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कारोबारियों ने बढ़ते तनाव के बीच कोई आर्डर देने में असमर्थता जताने लगे।
विज्ञापन

साथ ही, पूर्व में जो माल भेजा गया था, उसके भुगतान पर भी गोलमोल जवाब मिला। हालांकि, तनाव की स्थिति के चलते बरेली के कारोबारियों ने भी कोई दबाव बनाना उचित नहीं समझा। अब विषम परिस्थितियां में बदलाव और हालात सामान्य होने का इंतजार कारोबारी कर रहे हैं।

पाकिस्तान से आने वाले ड्राईफ्रूट की कीमत में उछाल
ड्राईफ्रूट कारोबारी संजोग आनंद के मुताबिक सीमा पर तनाव के चलते पाकिस्तान से आयात किया जा रहा छुआरा और अफगानिस्तान के अंजीर, मुनक्का की कीमत में बढ़त हुई है। तनाव की स्थिति जल्द सामान्य न होने पर आगे और बढ़त का अनुमान जताया है। बताया कि छुआरा प्रति किलो डेढ़ सौ रुपये किलो पर बिक रहा था जो 200 से 250 तक पहुंच गया है। अंजीर दो सौ रुपये और मुनक्का सौ रुपये महंगा हुआ है।

जरी जरदोजी, चावल का भी नहीं मिल रहा ऑर्डर
जरी जरदोजी कारोबारी शाकिर के मुताबिक ऑर्डर और भुगतान न मिलने पर कारोबारियों संग दिल्ली में बैठक की थी, पर कोई ठोस जवाब नहीं मिला। राइस मिल एसोसिएशन अध्यक्ष नईम अहमद के मुताबिक लुधियाना, हरियाणा, जम्मू में चावल भेजा जाता है। अब ऑर्डर में कमी आ रही है।

प्लाईवुड, फर्नीचर की मांग घटी
प्लाईवुड कारोबारी सतीश अग्रवाल के मुताबिक कारोबार ऑनलाइन होने से देश भर में जहां से भी ऑर्डर मिलते हैं, वहां माल भेजा जाता है। सीमा से सटे राज्यों से अब ऑर्डर तेजी से कम हो गए हैं। वहीं, फर्नीचर कारोबारी गौरव गर्ग के मुताबिक करीब 25 फीसदी तक कारोबार में कमी आई है। जो ऑर्डर मिले थे, उनका माल ट्रकों में भरा गया, लेकिन सीमा से सटे क्षेत्रों में माल ले जाने के लिए फिलहाल कोई तैयार नहीं।

माल की जमाखोरी करने पर होगी कार्रवाई
सीमा पर तनाव की स्थिति के बीच खाद्य उत्पादों के जमाखोरी की भी आशंका है। सूचनाएं मिलने पर जिला पूर्ति अधिकारी ने व्यापारियों और कारोबारियों को हिदायत दी है कि सभी क्षेत्रों के पूर्ति निरीक्षक सक्रिय हैं। औचक निरीक्षण में अगर जमाखोरी की पुष्टि हुई तो नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें