बरेली। आयकर के प्रति बढ़ती जागरूकता, नए उद्योग स्थापित होने से कारोबार में तेजी आदि से आयकर के खजाने में साल दर साल बढ़ोतरी हो रही है। वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में चालू वित्त वर्ष में नवंबर तक लक्ष्य के सापेक्ष 7.36 फीसदी अधिक आयकर जमा हुआ है।
आयकर विभाग के अनुसार, कोरोना काल के बाद उद्योग धंधों ने गति पकड़ी तो लोगों ने आयकर भी जमा करना शुरू किया। वित्त वर्ष 2021-22 के सापेक्ष 2024-25 तक आयकर संग्रह में करीब तीन गुना की बढ़त हुई है। पिछले वित्त वर्ष में नवंबर तक 2,050 करोड़ रुपये संग्रह था जो 2025-26 में 2,201 करोड़ पहुंच गया है। 31 मार्च की ऑडिट के बाद सटीक स्थिति स्पष्ट होगी। इससे पूर्व वित्त वर्ष 2020-21 में 755 करोड़, 2021-22 में 1,483 करोड़, 2022-23 में 1,820 करोड़, 2023-24 में 2,280 करोड़, 2024-25 में 2,876 करोड़ रुपये कर संग्रह हुआ था। इस वर्ष भी लक्ष्य के सापेक्ष अब तक करीब 60 फीसदी कर संग्रह का अनुमान जताया जा रहा है।
बीते वर्ष के सापेक्ष 20 हजार
ज्यादा फाइल हुए आईटीआर
आईटीआर के आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले वित्त वर्ष में नवंबर तक 13.83 लाख आईटीआर भरे गए थे। इस वर्ष 14.03 लाख आईटीआर भरे जा चुके हैं, जो पिछले वर्ष से 20 हजार ज्यादा हैं। बताते हैं कि आयकर जमा करने के लिए चल रहे जागरूकता शिविर समेत ई-निवारण, सीपी ग्राम पोर्टल, सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीसी), हेल्पलाइन काउंटर, फेसलेस स्कीम जैसे सुलभ संसाधन से आईटीआर फाइलिंग बढ़ी है।
बरेली आयकर कार्यालय से होती है इन जिलाें की निगरानी
बरेली आयकर कार्यालय से तीन जोन समेत 23 जिले संबद्ध हैं। बरेली जोन के बरेली, पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर, मुरादाबाद जोन के चंदौसी, मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, संभल, बिजनौर, नजीबाबाद, हल्द्वानी जोन के हल्द्वानी, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रुद्रपुर, काशीपुर, रामनगर, बाजपुर, खटीमा, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई शामिल हैं। आयकर संग्रह के आंकड़े में सभी जिलों का योगदान है।
अब आय छिपाना मुश्किल
बरेली आयकर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजा चावला ने बताया कि अब कारोबार, उद्योग या अन्य स्रोतों से आय को छिपाना मुश्किल है। जीएसटी के चलते टर्नओवर बताना जरूरी है। कोरोना के बाद बैंकों में लोन के लिए वास्तविक आय दर्शानी पड़ती है। एमएसएमई में कोलैटरल फ्री लोन, विभिन्न योजनाओं से नए स्टार्टअप शुरू हुए हैं। आय पर निगरानी बढ़ने से कर संग्रह बढ़ने का अनुमान है। ब्यूरो