शुक्रवार सुबह दस बजे आयकर टीम फोर्स के साथ रामसेवक के आवास पर पहुंची। रामसेवक भारद्वाज और परिजनों की मौजूदगी में आवास पर लगी सील हटाकर ताले खोले गए। फिर सभी अंदर गए और दोपहर एक बजे आवास से सटे गोदाम की सील खोलने के लिए बाहर आए। इस दौरान टीम ने किसी से कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। रामसेवक और उनके परिजनों को भी चल रही गतिविधियों की जानकारी किसी से भी साझा करने से मना कर दिया। आवास के बगल में स्थित गोदाम का स्टॉक जांचने के बाद टीम ने सामने बने गोदाम का ताला खोला। वहां करीब घंटे भर तक स्टॉक का मिलान किया। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई।
टीम ने खंगाला अमित का बैंक लॉकर
एक ओर रामसेवक के दस्तावेजों की जांच जारी थी, दूसरी ओर उनके छोटे भाई अमित भारद्वाज को साथ लेकर टीम जनकपुरी स्थित बैंक शाखा पहुंची। लॉकर की जांच के दौरान अमित ने टीम से दवा खाने के लिए घर जाने की गुजारिश की। टीम ने इसकी अनुमति नहीं दी। तब सूचना पर राष्ट्र जागरण उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष विशाल मेहरोत्रा व अन्य लोग पहुंचे। आपत्ति जताई तो टीम ने दवा खाने के लिए घर भेजा।