बरेली। सिद्धार्थनगर स्थित विलय ज्ञान धर्मार्थ संस्था की ओर से भगवान शैलजा नारायण की 26वीं प्राकट्य श्रृंखला का शुभारंभ विलय पाठ से किया गया। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बरेली सहित विभिन्न शहरों के भक्त पहुंचे हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान शैलजा नारायण की रचित श्रीमद् भागवत विलय सूत्र पाठ और मंचन से की गई। इसमें यह दर्शाया गया कि किस प्रकार इस कलयुग में भी आप अपने परिवार में रहते हुए आनंद में जीवन बिताते हैं। भगवान का नाम लेते हुए भगवान को याद करते हैं और अपने भगवान में सदैव के लिए विलय हो सकते हैं। इस प्रकार जीवन मृत्यु के चक्र में हमेशा के लिए मुक्त हो सकते हैं।
इसमें दोपहर के सत्र में भगवान शैलजा नारायण के प्राकट्य की खुशी में मां के गीत भजन बधाई और नृत्य हर्ष उल्लास से संपन्न हुआ। सायंकालीन सत्र में सामान्य मानव किस प्रकार अपने भगवान में विलय हो सकता है। इस पर विस्तार से चर्चा के साथ ही प्रश्न-उत्तर भी हुए। इसमें काशीपुर, मुरादाबाद, दिल्ली, मुंबई, कानपुर, लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, पुणे आदि से पहुंचे भक्तगण भाग ले रहे हैं।