बरेली। अमर उजाला भविष्य ज्योति सम्मान समारोह में लगे कॅरिअर संबंधी स्टाॅलों पर छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की भीड़ रही। एलआईसी के स्टॉल पर भी कुछ विद्यार्थी अपने अभिभावकों समेत पहुंचे। अभिभावक अभिषेक ने एलआईसी की टीम से पूछा कि यदि बेटा भविष्य में डॉक्टर बनना चाहता है और मेरी सीमित आय है तो मैं उसकी पढ़ाई को कैसे सपोर्ट कर सकूंगा? अन्य अभिभावकों ने भी इसी तरह के सवाल किए। उनको अमृत बाल समेत अन्य योजनाओं की जानकारी दी गई।
एलआईसी के प्रतिनिधि ने उन्हें बताया कि इस योजना के तहत शिक्षा का खर्च बोझ नहीं लगेगा। यदि बच्चा भविष्य में कोई कोर्स करना चाहता है तो उसके लिए सेविंग से अच्छा है निवेश करना। इसमें बच्चे की उम्र के अनुसार 18 वर्ष तक योजना का प्रीमियम देना होगा। इसके बाद बेटा या बेटी किसी भी कोर्स को करना चाहेंगे तो उसकी अवधि तक एलआईसी की ओर से उनकी फीस चुकाई जाएगी। यहां अभिभावक अपनी जेब के अनुसार बच्चों के लिए प्लानिंग कर सकते हैं। जब हम यह तय करते हैं कि बच्चा कौन सा कोर्स पढ़ेगा तो उसका खर्च कहां से आएगा? इस पर भी चर्चा जरूरी है। इससे अभिभावक को भी चिंता नहीं होगी कि बच्चे को प्राइवेट कॉलेज में पढ़ाऊं या सरकारी?