डायरिया का प्रकोप, तीस बेड के वार्ड में 33 बच्चों का चल रहा इलाज
बच्चों की सेहत पर मौसम का प्रतिकूल असर दिखने लगा है। जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में मरीजों की संख्या में अचानक हुए इजाफे ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को 30 बेड की क्षमता वाले वार्ड में 33 बच्चों को भर्ती करना पड़ा।
बेड कम पड़ने के कारण अस्पताल प्रशासन को अतिरिक्त व्यवस्थाएं जुटानी पड़ीं, ताकि मरीजों का उपचार प्रभावित न हो। वार्ड में भर्ती अधिकतर मासूम उल्टी, पेट दर्द और डायरिया जैसी गंभीर समस्याओं से पीड़ित रहे। दिनभर उपचार के बाद स्वास्थ्य में सुधार होने पर कुछ बच्चों को अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. करमेंद्र ने बताया कि मौसम में हो रहा बदलाव बच्चों के स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। बच्चों को धूप और लू के सीधे प्रभाव से बचाकर रखें। उन्हें केवल ताजा व साफ-सुथरा भोजन ही दें। शरीर में पानी का स्तर बनाए रखने के लिए बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाते रहें, ताकि डिहाइड्रेशन जैसी स्थिति से बचा जा सके।
दवा के लिए करना पड़ा इंतजार
जिला अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को भी मरीजों की भीड़ रही। फिजिशियन डॉ. राहुल बाजपेयी ने बताया कि सबसे ज्यादा मरीज उल्टी, दस्त, पेट दर्द, वायरल फीवर, डायरिया के रहे। मरीजों को दवा लेने के लिए चिलचिलाती धूप में काउंटर पर घंटों इंतजार करना पड़ा।