मौसम सुहावना हुआ तो डायरिया का कम हुआ प्रकोप
तीन दिन से मौसम के बदले मिजाज से अब बच्चों पर डायरिया का खतरा भी कम होने लगा है। सप्ताह भर फुल रहा बच्चा वार्ड के बेड अब खाली होने लगे हैं। बुधवार को स्वस्थ हुए 11 बच्चे डिस्चार्ज हुए और आठ भर्ती होने के बाद वार्ड के 37 बेड में से 12 बेड खाली रहे।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप गुप्ता के मुताबिक पारा सामान्य से ज्यादा होने पर बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। जरा सी अनदेखी से डायरिया की चपेट में आ जाते हैं। अब तापमान सामान्य से कम होने से बच्चों की सेहत पर भी प्रभाव दिखने लगा है। इसलिए बीते दिनों फुल रहे वार्ड के बेड अब खाली होने लगे हैं।
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मच्छरों का डंक, चर्म रोग बढ़ने की आशंका
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राहुल बाजपेई के मुताबिक बारिश से जगह-जगह जलभराव होने से ठहरे पानी में मच्छरों के लार्वा पनपेंगे। मच्छरजनित रोगों से बचाव के लिए लोगों को सावधानी बरतनी होगी। दूषित पानी से पेट की बीमारियां बढ़ने की आशंका है। खुले में रखे कटे फल न खाएं।बासी भोजन न करें। साफ सफाई का ध्यान रखें। गीले कपड़े में ज्यादा देर रहेंगे तो चर्म रोग की आशंका है। ताजा भोजन खाएं।