बरेली में छह साल बाद मकर संक्रांति पर ठंड का रेड अलर्ट जारी हुआ है। रविवार को दिनभर शहरवासी ठिठुरते रहे। बाजारों में चहल-पहल कम रही। शाम ढलते ही सड़कें सूनी हो गईं। रात में घने कोहरे ने शहर को अपने आगोश में ले लिया। अधिकतम तापमान 12.1 डिग्री और न्यूनतम 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दृश्यता 25 मीटर से भी कम रही।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र से प्राप्त जानकारी के मुताबिक वर्ष 2017 में मकर संक्रांति पर न्यूनतम तापमान 4.8 और अधिकतम 14.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। मौसम विशेषज्ञ अतुल कुमार के मुताबिक जनवरी 2017 के बाद इस साल जनवरी में अब तक तीन बार पश्चिमी विक्षोभ 33 डिग्री के नीचे दर्ज हुआ है लेकिन उच्च वायुदाब की वजह से बारिश के लिए अनुकूल माहौल नहीं बन सका।
तापमान के रिकॉर्ड पर गौर करें तो वर्ष 2018 में अधिकतम 16.9 और न्यूनतम 4.8 डिग्री दर्ज हुआ था। क्रमवार 2019 में 22.6-7.2, 2020 में 11.9-7.9, 2021 में 16.4-3.8, 2022 में 15.2-7.3, 2023 में 23.8-8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था।
दो दिन तक ठंड का प्रकोप
मौसम विशेषज्ञ अतुल कुमार के मुताबिक पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा से चल रही हवा के असर से न्यूनतम तापमान में गिरावट हुई है। शीतलहर, नमी की अधिकता, निम्न वायुमंडलीय स्थिरता के प्रभाव से घने कोहरे की परत बिछी है। वहीं, दिन में धूप न निकलने से अधिकतम तापमान भी लुढ़का है। लिहाजा, अब शीत दिवस (कोल्ड डे) से अति शीत दिवस (सीवियर कोल्ड डे) की स्थिति दो दिनों तक रहेगी।
रुहेलखंड के कुछ जिलों में पड़ सकता है पाला
जारी पूर्वानुमान के अनुसार दो दिन तक सीवियर कोल्ड डे रहेगा। फिर सतही स्तर पर हवा का रुख बदलेगा। पुरवाई चलने पर हल्की राहत मिलेगी। इसी दौरान रुहेलखंड के कुछ जिलों में शीतलहर से कहीं-कहीं पाला पड़ने की आशंका है।
ठंड से बचाव के सुझाव
- वाहन चलाते समय हेलमेट लगाएं, फॉग लाइट जलाएं।
- बेहद जरूरी न होने तक घर से बाहर निकलने से बचें।
- त्वचा रूखी और खुजलाहट हो सकती हैं, क्रीम लगाएं।
- विटामिन सी से भरपूर फल, सब्जियां खाएं। गर्म पानी पीएं।
- गीले कपड़े न पहनें। सुन्न स्थान को गर्म पानी से सामान्य करें।
- हीटर, ब्लोअर, अलाव जलाएं पर वेंटिलेशन बनाए रखें।
- विद्युत और गैस उपकरण प्रयोग करते समय सुरक्षा उपाय करें।