बदायूं। मोहल्ला लोचीनगला स्थित राय साहब की धर्मशाला की जमीन खरीदकर लोगों ने उसके किनारे दुकानें और भवन तो बना ही लिए , बल्कि अंदर की कई बीघा जमीन खरीदकर उस पर अवैध पार्किंग भी बना ली गई। एक स्कूल के प्रबंधक व उसके भाई ने इस जगह को खरीदकर प्रतिमाह किराये के एवज में गाड़ियों से पार्किंग वसूलनी शुरू कर दिया। इस जगह पर तकरीबन सौ से डेढ़ सौ गाड़ियां खड़ी होती हैं। अब सिटी मजिस्ट्रेट ने इन्हें अवैध पार्किंग चलाने का नोटिस भी थमा दिया है। नोटिस मिलने के बाद इन पर दोहरी मार पड़ी है। एक तो पहले ही धर्मशाला की जमीन खरीदने के अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए सात दिन का समय दिया गया है, दूसरा अवैध पार्किंग चलाने पर भी नोटिस मिल गया है।
शहर के लोचीनगला मोहल्ले में राय साहब की धर्मशाला स्थित है। इसी धर्मशाला के अंदर प्राचीन मंदिर भी स्थित है। कुछ समय पहले इस धर्मशाला को अपनी बताते हुए टिकटगंज निवासी एक व्यक्ति ने लोगों को बेचना शुरू कर दिया था। कागजों में हेरफेर करते हुए पुरानी चुंगी से शहवाजपुर तक की बेशकीमती जमीन बेच दी गई, जिस पर लोगों ने दुकानें और बहुमंजिला भवन तक बना लिए। इन लोगों ने धर्मशाला के अंदर स्थित मंदिर का रास्ता भी बंद कर दिया। जानकारी होने पर सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार ने इन सभी लोगों को नोटिस जारी कर सात दिन का समय संबंधित अभिलेख, प्रमाणित मानचित्र व अपना पक्ष रखने के लिए दिया है। इन्हीं दुकानों और भवनों के बीच एक स्कूल के प्रबंधक व उसके भाई ने धर्मशाला के अंदर की जमीन भी खरीद ली थी तथा उसके बाद उसमें स्कूल की गाड़ियां खड़ी की जाने लगीं। इसके बाद धीरे-धीरे इसे पार्किंग का रूप दे दिया गया। अब हाल ये है कि यहां पर सौ से डेढ़ सौ तक छोटी बड़ी गाड़ियां पार्क होती हैं, जिनसे प्रतिमाह या दैनिक रूप से किराया वसूला जाता है। हालांकि अब इस प्रकार की अवैध पार्किंग पर भी सिटी मजिस्ट्रेट ने अपनी तिरछी निगाह डाल दी है। उन्होंने ऐसे अवैध पार्किंग मालिकों को नोटिस जारी किए हैं, जो अपनी जमीन पर अवैध पार्किंग चला रहे हैं। इससे धर्मशाला की जमीन पर पार्किंग चलाने वाले स्कूल प्रबंधक व उनके भाई भी दोनों ओर से घिर गए हैं। उन्हें धर्मशाला की जमीन के स्वामित्व संबंधी नोटिस का जवाब देने के साथ-साथ पार्किंग चलाने का जवाब भी देना होगा।
नोटिस एकत्र कर अपने साथ ले गया कथित मालिक
खुद को धर्मशाला का कथित मालिक बताने वाला व्यक्ति सारे लोगों से नोटिस लेकर अपने साथ ले गया है। इन लोगों के अनुसार उसने उनसे कहा है कि वह खुद ही इन नोटिस का जवाब बनाकर प्रशासन को देगा। इससे इन लोगों में भी सुगबुगाहट है कि अब उनका क्या होगा। वे लोग ज्यादा परेशान हैं, जिन्होंने मोटी रकम देकर इस जमीन को खरीदा है। इधर, मोहल्लेवालों का ये भी कहना है कि यदि प्रशासन पर किसी का दबाव न पड़ा तो इस धर्मशाला की जमीन पर कब्जे के मामले जल्द ही निर्णय की स्थिति में जाएगा।
मंदिर खुलने का भी इंतजार कर रहे लोग
- कुछ लोगों को छोड़ दें तो ज्यादातर लोगों को धर्मशाला के अंदर बने मंदिर के खुलने का बेसब्री से इंतजार है। इसलिए वे और ज्यादा जल्दी इस मामले का पटाक्षेप होने का इंतजार कर रहे हैं। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन इस जगह को सरकारी संपत्ति की तरह अपने कब्जे में ले लेता है तो मंदिर जाने का रास्ता भी खुल जाएगा और वे इसमें पूजापाठ कर सकेंगे।
अवैध पार्किंग चलाने वाले और लोगों को भी दिए नोटिस
- शहर में अवैध रूप से पार्किंग चलाने वाले लोगों को मंगलवार को भी नोटिस जारी किए गए। इन्हें भी सात दिन का समय दिया गया है कि यदि उनके पास व्यवसाय से संबंधित कोई अनुमति या अभिलेख हैं तो वे उसे निर्धारित समय के भीतर प्रस्तुत करें।
धर्मशाला की जमीन बेचने के मामले में कुछ लोगों ने नोटिस का जवाब दिया है, सभी का जवाब लगभग एक जैसा है, लेकिन अभी सबके जवाब का इंतजार है। दिए गए सात दिन के समय में अभी कुछ दिन शेष हैं, तब तक जवाब का इंतजार किया जाएगा। धर्मशाला की जमीन पर भी अवैध पार्किंग चल रही है, जिस पर संबंधित को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें भी जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। तय समय पर जवाब न मिलने पर कार्रवाई शुरू की जाएगी।
अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट/ अधिशासी अधिकारी