हाफिजगंज। पुलिस और प्रशासन ने खनन माफिया को पनघैली नदी में भी अवैध खनन की छूट दे रखी है। माफिया इस नदी में रात भर खनन कर रहे हैं। रेत से भरी गाड़ियां खेतों से होकर निकाली जा रही हैं जिससे किसानों की खून-पसीना लगाकर उगाई गई फसलें बर्बाद हो रही हैं। गांव सभापुर और डडुआ के दो किसानों ने अपनी फसलें बर्बाद किए जाने का विरोध किया तो माफिया और उसके गुर्गों ने उन पर हमला कर दिया। जमकर पिटाई होने से दोनों किसान घायल हो गए। इस घटना के बाद किसान शिकायत करने थाने पहुंचे तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने से पहले जांच करने की बात कहकर लौटा दिया।
हाफिजगंज के गांव सभापुर डंडुआ, नरहरपुर, सुन्नौर आदि में पनघैली नदी में रेत का खनन रात भर किया जाता है। गांव बीजामऊ के किसान राजेश ने बताया कि उनका खेत सभापुर गांव में नदी किनारे है। खेत में तिल की फसल बोई है। उनके खेत से माफिया रेत भरकर ट्रैक्टर ट्रॉली और डनलप निकालकर ले जाते हैं, जिससे उनकी फसल बर्बाद हो रही है। गुरुवार रात वह खेत की रखवाली करने पहुंच गए। इस दौरान माफिया रेत भरी ट्रालियां लेकर उनके खेत से निकले तो उन्होंने इसका विरोध किया। इस पर माफिया और उसके गुर्गों ने मारपीट करते हुए फावड़े से उन पर हमला कर दिया। वह बचकर भागे तो फावड़ा फेंककर मार दिया जो उनके पैर में लगा।
इसी तरह गांव डडुआ में किसान मोहित को माफिया के गुर्गों ने पीटकर घायल कर दिया। मोहित के मुताबिक उन्होंने ठेके पर खेत ले रखा है। रोजाना माफिया रेत भरे वाहन उधर निकालते हैं, जिससे उनकी फसल खराब हो रही है। उन्होंने विरोध किया तो माफिया ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और घायल कर दिया। दोनों ही किसानों ने घटना की तहरीर हाफिजगंज थाने में दी लेकिन पुलिस ने जांच की बात कहकर उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
अफसर की गाड़ी से कूदकर भाग गए थे माफिया
दो सप्ताह पहले खनन की सूचना पर एक अधिकारी ने गांव भटपुरा में छापा मारकर ट्रैक्टर ट्रॉली सहित दो लोगों को पकड़ लिया था, लेकिन इसके बाद भी माफिया चलती गाड़ी से कूदकर भाग गए थे। पकड़ी गई ट्रैक्टर ट्रॉली भी छुड़ा ले गए थे। इस दौरान हलका लेखपाल ने उन्हें रोकना चाहा तो उन्हें ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश की थी। इस घटना के बाद भी प्रशासन ने माफिया पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। सूत्र बताते हैं कि माफिया के अफसर की गाड़ी से कूदकर भागने की घटना दरअसल लीपापोती भर थी। माफिया के सरपरस्त एक नेता का फोन आने के बाद उसे खुद ही भागने का मौका दिया गया था। वर्ना उसका ट्रैक्टर ट्रॉली भी ले जाना मुमकिन ही नहीं था।
किसानों की तहरीर पर जांच कराई जा रही है। आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। - सौरभ सिंह, एसओ हाफिजगंज