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यूपी में 22 लोगों के नेटवर्क में था एजाज

Mon, 30 Nov 2015 01:55 AM IST
बरेली
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बरेली। पाकिस्तानी जासूस मोहम्मद एजाज उर्फ कलाम यूपी में सेना से जुड़े शहरों के 22 लोगों के नेटवर्क में था। वह उनसे सूचनाएं इकट्ठा करके आईएसआई के आफीसर सलीम को भेजता था। सूचना इकट्ठा करने के लिए वह घर पर पत्नी से काम करने का बहाना करके निकल जाता था।  एसटीएफ के सूत्रों के हवाले से पता लगा है कि एजाज का पूरी यूपी में नेवटर्क था। वह गोरखपुर, मेरठ, बरेली, आगरा, मथुरा, सहारनपुर जहां भी सेना के हेड क्वार्टर हैं। एजाज उन जिलों के बाइस लोगों के  नेटवर्क में था। एजाज के पास से मिली पेन ड्राइव और डाटा कार्डों के आधार पर यह जानकारी मिलने पर पुलिस और खुफिया विभाग ने सेना हेड क्वार्टरों के आसपास के इलाकों की निगरानी बढ़ा दी है। सूत्र बताते हैं कि अलीगढ़ के जीवनगढ़ और जमालपुर इलाके में एजाज का आना-जाना लगा रहा है। छानबीन की जा रही है कि कहीं वह यहां छात्रों के संपर्क में तो नहीं था।  
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आसमा के पिता बोले, गद्दार से अब नाता नहीं
रात भर भटकने के बाद सुबह हुई बेटी से मुलाकात
बरेली। आसमा के पिता बिहार के आरा निवासी शमशेर मंसूरी का कहना है कि एजाज ने हमें धोखा देकर मुल्क से गद्दारी की है। उसे माफ नहीं किया जा सकता है। हमारी बेटी का भी उसके साथ अब कोई नाता ही नहीं रहा है। उनका कहना है कि गांव में लोग जीना दूभर कर देंगे। एजाज ने हमें तो जिंदगी भर के लिए दाग दे दिया है। आसमा चाहेगी तो उसकी किसी दूसरे व्यक्ति से निकाह करा दूंगा।
बिहार के आरा जिले के अजीमाबाद गांव निवासी शमशेर मंसूरी दामाद के पकड़े जाने की खबर मिलने पर बरेली पहुंचे तो भटक गए। रविवार की रात करीब तीन बजे पत्नी जहांआरा के साथ बेटी के पास आए शमशेर किसी तरह हजरत शाह शराफत मियां दरगाह पर पहुंच गए। दीवानखाना तो उन्हें याद नहीं रहा। दरगाह पर देवखान मोहल्ला बताकर जानकारी करने लगे। यहां जिससे पूछा उसने इस नाम से मोहल्ला होने से ही इनकार कर दिया। बाद में किसी दीवानखाना का नाम लिया तो उन्हें याद आ गया। सोमवार की सुबह सात बजे बेटी आशमा से मुलाकात हो पाई। यहां आकर उन्हें पता लगा कि उनका दामाद पाकिस्तानी है।
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आसमा तीन साल की यादें भी बेच जाएगी
पाकिस्तानी जासूस मोहम्मद एजाज उर्फ कलाम की पत्नी आसमा तीन साल की यादें भी यहीं बेच जाएगी। प्रेमनगर थाने की पुलिस ने उसे अपने मां-बाप के साथ बिहार जाने की इजाजत दे दी थी। आसमा का कहना है कि वह सामान लेकर तो बिहार नहीं जा सकती है। उसके पास जो सामान है, उसे यहीं बेचकर अपने मां-बाप के साथ बिहार चली जाएगी।


पाकिस्तानी जासूस की सास जहांआरा का खुलासा
पहले भी चार साल बरेली में रहा है एजाज
बरेली। पाकिस्तानी जासूस मोहम्मद एजाज उर्फ कलाम की सास जहांआरा ने एक नया खुलासा किया है। उसका कहना है कि शादी से पहले भी एजाज चार साल बरेली में रहा है। शहर में फोटोग्राफी का ही काम करता था। शादी के बाद उसने यह बात उनसे भी बताई थी। एजाज कहता था कि वह बरेली से विमल स्टूडियो पर शादी से पहले भी चार साल काम कर चुका है। लखनऊ और मुंबई में भी वह काफी समय रहा है। शादी के बाद वह उनके साथ तीन-चार माह तक रहा, कभी उसने पाकिस्तानी होने का एहसास नहीं होने दिया। पंजाबी बोलता था तो टोकने के बाद कहता था बाहर रहने की वजह से कई भाषाएं जानता हूं। शादी से पहले वह उनके बेटे रहीम को लेकर मकान देखने के लिए आया था। शादी होने के बाद वह उनकी बेटी को लेकर बरेली में आकर रहने लगा।


मेरे तरफ से मुकदमा दर्ज हो
बरेली। मां-बाप के बिहार से आ जाने के बाद पाकिस्तानी जासूस की बीवी आसमा की भी आंखें खुल गई हैं। रविवार को उसके तेवर बिल्कुल बदले नजर आए। एक दिन पहले जहां वह एजाज के साथ रहने की बात कर रही थी। रविवार को उसके सुर बदल गए। अब कहने लगी वह एजाज की सूरत भी नहीं देखना चाहती है। मैं भारतीय हूं, मैंने कोई गुनाह नहीं किया। पाकिस्तान से आकर मोहम्मद एजाज उर्फ कलाम ने नाम बदलकर मेरे साथ धोखाधड़ी की है। सरकार को चाहिए कि मेरे तरफ से भी एजाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करे। मैं अपने देश से गद्दारी करने वाले से कोई नाता नहीं रखना चाहती हूं। बस एक ही तमन्ना है कि बेटा पैदा हुआ तो उसे भारतीय सेना का जवान बनाने के लिए तैयार करूंगी। आसमा ने कहा कि एजाज ने खुद को कलाम बताकर निकाह करके रिश्ते ही बुनियाद ही झूठ से रखी थी। इससे यह भी साबित हो रहा है कि मुझसे शादी भी उसने हिंदुस्तान में रहने के लिए की थी।
 
कम शेयर करता था पर्सनल बातें
आसमा ने कहा कि उसकी बर्बादी के लिए उसके रिश्तेदार बाबर का भी हाथ है। आसमा बोली, मैंने एजाज को हिंदी पढ़ाई है। वह उर्दू और अंग्रेजी अच्छे से पढ़ लेता है, लेकिन तीन साल साथ रहने के दौरान कभी उसने खुद के पाकिस्तानी होने का एहसास तक नहीं होने दिया। एजाज अपनी पर्सनल बातों को उसके साथ बहुत कम शेयर करता था। आसमा का कहना है कि वह एक महीने बाद एजाज के बच्चे की मां बनने वाली है। गर्भ कम दिनों का होता तो मैं गिरवा देती, लेकिन अब सोच रही हूं कि इस बच्चे की क्या गलती है। बेटा पैदा हुआ तो उसका इस तरह के पालन पोषण करूंगी, कि वह सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करे।    
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