आंवला/भमोरा। इफको में काम करते समय एक मजदूर की ऊंचाई से गिरने से मौत हो गई। साथी मजदूरों ने मुआवजा की मांग को लेकर हंगामा किया। उन्होंने इफको गेट पर शव रख कर टाउनशिप से कारखाना आने-जाने का रास्ता बंद कर दिया। कुछ मजदूर गेट के अंदर घुस गए। सुरक्षा कर्मी ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो भीड़ ने हमला कर उसे घायल कर दिया। खबर मिलने पर इफको प्रबंधन के अलावा पुलिस और प्रशासन के अफसर भी मौके पर पहुंच गए। इफको प्रबंधन और मृतक के परिवार के बीच कई घंटे चली वार्ता के बाद साढ़े तीन लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बन गई। तब कहीं रात आठ बजे फैक्ट्री गेट से शव हटाया गया।
बिशारतगंज थाना क्षेत्र के गांव गाढ़ीघाट के 35 वर्षीय नरेश इफको में श्रमिक ठेकेदार रामबाबू की आरबी ब्रदर्स फर्म के अधीन मजदूरी करते थे। गुरुवार को नरेश कारखाने के स्टोर की छत पर सीमेंट की चादरें बदल रहे थे। दोपहर करीब ढाई बजे पुरानी चादर टूटने से नरेश छत से नीचे आ गिरे। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर लगते ही मौके पर मजदूरों की भीड़ जमा हो गई। उन्होंने मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। भीड़ में से किसी ने सुरक्षा कर्मी महेंद्र गिरि पर हमला कर दिया। इससे वह घायल हो गए। नरेश के परिवार में मां लीलावती, पत्नी रामदेई के अलवा छह साल को बेटा राहुल और चार साल की बेटी दामिनी है।
हंगामे की खबर मिलने पर एसडीएम मनीष नाहर और सीओ कुशलपाल सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।
मृतक के परिवार की हरसंभव मदद होगी: माहेश्वरी
आंवला। इफको के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार माहेश्वरी ने हादसे की बाबत जानकारी करने पर कहा कि फैक्ट्री सुरक्षा के सभी मानक पूरा करती है, फिर भी इस तरह की दुर्घटना का अफसोस है। इफको प्रबंधन और ठेकेदार मिलकर मृतक के परिवार को साढ़े तीन लाख रुपये का मुआवजा देंगे। ईएसआई और पीएफ से मृतक की पत्नी को करीब पांच हजार रुपये मासिक पेंशन की व्यवस्था कराई जाएगी।
- मृतक मजदूर नरेश के नाम दो बीघा जमीन होने की जानकारी मिली है। किसान दुर्घटना बीमा का लाभ दिलाने के लिए परिवार को शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए समझाया तो वह राजी हो गए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के परिवार को किसान दुर्घटना बीमा के तहत पांच लाख रुपये की राशि दिलाई जाएगी।-मनीष नाहर, एसडीएम आंवला।