बरेली। युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं सकता। युद्ध से देश की प्रगति बाधित हो जाती है और अर्थव्यवस्था को बहुत नुकसान होता है। कुछ दिन और युद्ध चलता तो पाकिस्तान बर्बाद हो जाता। भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम पर शहर के बुद्धिजीवियों ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि तीन दिन चले युद्ध के दौरान सीमावर्ती इलाकों के लोग घबराए हुए थे। युद्ध विराम के बाद उन्होंने राहत की सांस ली है। पड़ोसी देश को चाहिए कि वह आतंक का रास्ता छोड़कर अपने विकास पर ध्यान दे। पेश है एक रिपोर्ट...। संवाद
युद्ध की परिस्थितियां सैनिकों के परिवार के लिए काफी असहज करने वाली थीं। युद्ध किसी भी देश के लिए अच्छा नहीं होता। - डॉ. भारती सरन, चिकित्सक
युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं। हमने शक्ति प्रदर्शन किया है। आतंकी वारदात को एक्ट ऑफ वॉर माना जाना महत्वपूर्ण है। - डॉ. वंदना शर्मा, प्रवक्ता, बरेली काॅलेज
ये बहुत अच्छा निर्णय है। युद्ध के दौरान परमाणु हमला होने की स्थिति में दोनों देशों को बहुत नुकसान उठाना पड़ता। स्थिति काफी भयावह होती। - शारदा भार्गव, उद्यमी
युद्ध में जम्मू व आसपास के इलाकों के निर्दोष लोग मारे जा रहे थे। भारत ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। युद्ध विराम दोनों देशों के लिए अच्छा रहेगा। - डॉ. एके चौहान, वरिष्ठ चिकित्सक
युद्ध देश की अर्थव्यवस्था को पीछे ले जाता है। युद्ध की वजह से दोनों देशों का व्यापार भी प्रभावित हुआ है। युद्ध विराम अच्छा निर्णय है। - मयूर धीरवानी, चेयरमैन, आईआईए
युद्ध विराम अच्छा निर्णय है। शांति हर देश की पहली प्राथमिकता होती है। पाकिस्तान युद्ध विराम को कब तक मानता है, ये महत्वपूर्ण होगा। - सीए राजेन विद्यर्थी, गवर्नर रोटरी