नगर निगम ने शहर की सूरत संवारने के लिए अब गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती का मन बना लिया है। सड़कों पर गंदगी फैलाने वालों से नगर निगम अब भारी जुर्माना वसूलेगा। इसके लिए स्मार्ट फाइन की दरें तय कर दी गई हैं। शादी या किसी अन्य आयोजन पर की गई गंदगी साफ नहीं कराने पर 2000 रुपये रोजाना के हिसाब से तब तक जुर्माना वसूला जाएगा जब तक सफाई नहीं कराई जाएगी। खुले में कचरा डालने पर 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से फाइन लिया जाएगा। भूल से भी अब सड़क पर थूक दिया तो सौ रुपये देने होंगे।
नगर निगम ने ऐसे 31 कामों को जुर्माने की सूची में शामिल किया है, जिनसे शहर में गंदगी फैलती है। इस सूची का प्रकाशन कराने के बाद उस पर लोगाें से आपत्तियां ली जाएंगी। उनका निस्तारण करने के बाद इसे शासन को भेजकर गजट कराया जाएगा और फिर इसे शहर में लागू कर दिया जाएगा। नगर आयुक्त आरके श्रीवास्तव का कहना है कि एमएसडब्ल्यू एक्ट-2016 के तहत इंदौर में स्मार्ट फाइन से हर महीने निगम को डेढ़ करोड़ की आय हो रही है। इसे बरेली में भी लागू किया जाएगा। इस काम में ज्यादा समय नहीं लगेगा। बहुत संभव है अक्तूबर के अंत तक इसे धरातल पर ले आएं। टीम बनाकर प्रतिदिन जुर्माना वसूला जाएगा।
इन कामों पर देना होगा प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना
आवासीय भवन स्वामी के खुले में कचरा डालने पर 200 रुपये।
दुकानदारों के खुले में कचरा डालने पर 1000 रुपये।
निर्माण का मलबा सरकारी भूमि पर डालने पर-2000 रुपये।
सैप्टिक टैंक और सीवर न होने पर गंदगी नाले में डालने परे-2000 रुपये।
आम रास्ते पर पालतू जानवरों के गंदगी करने पर-200 रुपये।
सार्वजनिक स्थल, सड़क पर पर थूकने पर-100 रुपये।
मानक रहित पॉलीथिन में कूड़ा रखने पर-500 रुपये।
ये रहेगा जुर्माने की राशि का वर्गीकरण
2000 रुपये: रेस्टोरेंट मालिक, डेयरी मालिक और अतिक्रमण कर गंदगी फैलाने लोग।
2500 रुपये: होटल मालिक, भवन निर्माण सामग्री सड़क पर बेचने वाले, सरकारी दीवारों पर विज्ञापन करने वाले लोग।
5000 रुपये: औद्योगिक प्रतिष्ठान, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर व्यवसाय करने वाले, अस्पताल।
1000 रुपये- बिना स्वीकृ ति रोड कटिंग, नाली तोड़ने, सड़क पर दुकान से गंदगी, मीट दुकानदार, आम रास्ते पर टेंट लगाकर कुछ पकाने, सड़क पर गाड़ियों की धुलाई करने वाले।
500 रुपये: हलवाई, सब्जी वाले, कचरा पेटी न रखने वाले दुकानदार, हेयर कटिंग सैलून, सार्वजनिक स्थल पर शौच करने वाले।
100 रुपये: सब्जी बेचकर छिलके न उठाने, सड़क किनारे पेशाब करने वाले।