बारिश के बाद शहर के इलाके और गलियां गंदगी से पट गई हैं। हरी भरी को दस वार्डोँ में काम सौंपा गया है लेकिन वहां भी समय से कूड़ा नहीं उठ रहा है। मंगलवार को हरी भरी के अधिकारी नगर आयुक्त से मिलने पहुंचे तो उन्हाेंने शहर की स्थिति पर नाराजगी जताई। नगर आयुक्त ने कहा कि एक माह का समय दिया था जो पूरा होने वाला है अभी तक प्रोजेक्ट और प्लान ही तैयार किया जा रहा है जबकि शहर से इतने फोन आ रहे हैं कि जिसका कोई जवाब नहीं है। नगर आयुक्त ने एजेंसी से कहा है कि सात दिन के अंदर शहर से गंदगी हटाया जाए नहीं तो डोर टू डोर का काम छीनकर किसी और एजेंसी को दे दिया जाएगा।
नगर आयुक्त आरके श्रीवास्तव ने कंपनी के अधिकारियों को अपनी पीड़ा के साथ खरी खरी सुनाने में कोई कमी नहीं बरती। उनका कहना है कि जिस वार्ड में अभी कंपनी कूड़ा उठा रही है वहां से भी लगातार फोन आ रहे हैं, यह कैसी सफाई की जा रही है। जोन 5 के अधिकतर वार्डों में अभी भी घराें से कूड़ा नहीं उठ रहा है। कंपनी के अधिकारियों ने नगर आयुक्त से कुछ समय मांगा है। उधर, नगर आयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि सड़क पर कूड़ा फेंकने वाले दुकानदाराें का रोज चालान किया जाए।
- सफाई कर्मचारियों से कहा नेतागिरी बंद करो
वेतन कटने की शिकायत लेकर नगर निगम सफाई संगठन के पदाधिकारी नगर आयुक्त से मिलने पहुंचे। उन्हें भी गुस्से से दो चार होना पड़ा। नगर आयुक्त ने कहा कि नेतागिरी बंद करो और कुछ काम भी करो। सफाई नहीं हो रही है शहर के लोग परेशान हैं। सुबह छह से दस बजे तक दौरे में कोई भी इलाका साफ नहीं मिला। गंगापुर से आज कई फोन आ चुके हैं। नगर आयुक्त ने कहा कि वेतन कोई जबरदस्ती नहीं काटा जा रहा है अगर काम करोगे तो कोई वेतन क्यों काटेगा। कर्मचारी नेता मुंह लटकाकर वापस लौट गए।