बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली आने के साथ जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक का कार्यक्रम जारी हुआ तो जिले के विधायकों को जैसे मुंहमांगी मुराद मिल गई। कोरोना के दौर में भी अफसरशाही के अपने ही हिसाब से काम करने से खफा विधायकों ने इसके बाद मुख्यमंत्री के सामने गंभीर मुद्दे उठाने की तैयारी शुरू कर दी। माना जा रहा है कि विधायकों को अगर मुख्यमंत्री के सामने खुलकर बोलने का मौका मिला तो सिस्टम के लिए असहज होने की स्थिति पैदा हो सकती है।
कोरोना संक्रमण के भयावह हालात में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को जिले में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। बता दें कि पिछले दिनों नवाबगंज विधायक केसर सिंह की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई थी और उन्हें भी बेहतर इलाज के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी थी। अफसरशाही के रवैये से जिले के ज्यादातर विधायक भी संतुष्ट नहीं हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री के सामने सारे मुद्दे उठाने की तैयारी है। तीन सौ बेड कोविड अस्पताल में उपलब्ध वेंटिलेटरों का इस्तेमाल न किया जाना भी इन्हीं में से एक प्रमुख मुद्दा है।
बेडों का संकट है... सीएम से कहेंगे होटलों को बनाएं कोविड अस्पताल
बिथरी चैनपुर के विधायक राजेश मिश्रा पप्पू भरतौल का कहना है कि बेड की कमी बताकर अस्पतालों में मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। वह मुख्यमंत्री से आग्रह करेंगे कि होटलों को कोविड अस्पताल में तब्दील कर दिया जाए। इससे होटलों की आय का रास्ता खुलेगा तो संक्रमित लोगों को भी भर्ती होने की सहूलियत मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके साथ पंचायत चुनाव में पुलिस अफसरों ने जो गड़बड़ी की है, वह यह मुद्दा भी मुख्यमंत्री के सामने उठाएंगे।
पत्र लिखकर बता दिया, ऑक्सीजन
की कमी से दम तोड़ रहे हैं लोग
कैंट विधायक और भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बताया कि कोरोना के दौर में ऑक्सीजन की कमी से तमाम लोग दम तोड़ रहे हैं। इसके अलावा और भी तमाम दिक्कतें हैं जिनका समाधान होना जरूरी है। वह इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर पहले ही अवगत करा चुके हैं।
सीएम से कहेंगे आसान हो रेफर करने की प्रक्रिया, अफसरों की लापरवाही भी बताएंगे
मीरगंज के विधायक डॉ. डीसी वर्मा का कहना है कि कोरोना संक्रमितों को किसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के लिए अभी पहले तीन सौ बेड कोविड अस्पताल ले जाना पड़ता है। कई बार इस प्रक्रिया में इतनी देर होती है कि मरीज दम तोड़ देता है। वह मुख्यमंत्री से बात करेंगे कि किसी भी अस्पताल से मरीज को रेफर करने की व्यवस्था की जाए। इसके साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को भी कोविड अस्पताल बनाया जाए। स्वास्थ्य विभाग में कोविड की व्यवस्था देख रहे जिम्मेदार अफसर किस कदर लापरवाही कर रहे हैं, इस बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा।
मरीजों की फर्जी दिखा रहे हैं अस्पताल सीएम से करेंगे जांच कराने की मांग
शहर विधायक डॉ. अरुण ने कहा कि जिले में ऑक्सीजन की अब तक बहुत किल्लत है, जिसकी वजह से होम आइसोलेशन वाले मरीजों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। मुख्यमंत्री से वह आग्रह करेंगे कि बरेली में ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ाई जाए। इसके साथ वैक्सीनेशन में तेजी लाने के साथ 45 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था खत्म करने का भी सुझाव दिया जाएगा। शहर विधायक ने बताया कि कुछ अस्पताल फर्जी भर्ती दिखाकर बेड खाली न होना दिखा रहे हैं। मुख्यमंत्री से वह इसकी जांच कराने की मांग करेंगे।
कोविड जांच केंद्र बढ़ाने की बात रखेंगे
फरीदपुर के विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल का कहना है कि व्यवस्थाओं में कुछ सुधार तो हो रहा है। उनके इलाके को एक कोविड अस्पताल भी मिल गया है। और कोई खामी नजर आएगी तो उसे मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे। हालांकि कोविड जांच के केंद्र काफी कम हैं, इन्हें बढ़ाने की बात रखी जाएगी।
प्रशासन नहीं संभाल पा रहा है व्यवस्थाएं
आंवला के विधायक धर्मपाल सिंह का कहना है कि जिले में ऑक्सीजन की समस्या लगातार बनी हुई है। इसके साथ प्रशासन भी व्यवस्थाओं को बेहतर नहीं कर पा रहा है। इन बिंदुओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा।