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मिट्टी की ढांग में दबकर दो महिलाओं की मौत, दो घायल

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दातागंज (बदायूं)। कोतवाली क्षेत्र के गांव रायपुर धीरपुर में बृहस्पतिवार शाम मिट्टी की ढांग में दबकर दो महिलाओं की मौत हो गई। जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल महिलाओं को उनके परिवार वालों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करा दिया है। इसकी सूचना पर कोतवाली पुलिस भी गांव पहुंच गई। दोनों महिलाओं के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
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ग्राम पंचायत रायपुर धीरपुर निवासी लक्ष्मी (32) पत्नी नरवेश, संतोष (30) पत्नी कल्लू, मीना (35) पत्नी जयपाल और सुशीला (32) पत्नी नरेश बृहस्पतिवार शाम अपने गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर तालाब किनारे मिट्टी लेने आई थीं।
ग्रामीणों के मुताबिक गांव के अधिकतर बच्चे और महिलाएं अपने घरों में लिपाई-पुताई के लिए तालाब किनारे से मिट्टी खोदकर ले जाते हैं। इससे तालाब किनारे काफी ऊंची ढांग बन गई है। शाम करीब पांच बजे चारों महिलाएं ढांग में घुसकर मिट्टी खोद रही थी। लक्ष्मी और संतोष ढांग के ज्यादा अंदर थी। जबकि मीना और सुशीला उनके द्वारा खोदी जा रही मिट्टी डलिया में भरती जा रही थी। उसी दौरान अचानक चारो महिलाओं के ऊपर मिट्टी की ढांग गिर गई, जिससे वह मिट्टी से दब गईं। उस समय नजदीक खेत में कुछ लोग मैंथा की निराई कर रहे थे। जब उन्होंने मिट्टी की ढांग गिरते देखा, तो वह तुरंत दौड़कर आ गए और उन्होंने मिट्टी हटाना शुरू कर दी। उनके शोर मचाने पर गांव के तमाम लोग मौके पर आ गए। फिर सभी लोग बचाव कार्य में जुट गए। काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला गया। तब तक लक्ष्मी और संतोष घायल होने से बेहोश हो चुकी थी। उनके परिवार वालों ने तुरंत वाहन का इंतजाम किया और चारो महिलाओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने लक्ष्मी और संतोष को मृत घोषित कर दिया। जबकि मीना और सुशीला का उपचार शुरू कर दिया गया है। इसकी सूचना पर कोतवाली पुलिस भी स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गई। पुलिस ने दोनों महिलाओं के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। उनकी मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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मिट्टी कम गिरने से बच गईं मीना और सुशीला
गांव रायपुर धीरपुर में मिट्टी की ढांग चारों महिलाओं के ऊपर गिरी थी, लेकिन मीना और सुशीला कुछ बाहर थी। इससे उनके ऊपर ज्यादा मिट्टी नहीं गिरी और उनकी जान बच गई। बताते हैं कि मृतक लक्ष्मी के चार बच्चे हैं। जबकि संतोष के तीन बच्चे हैं।
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