संजय श्रीवास्तव
समय पर इलाज न मिल पाने के कारण कई बार पालतू पशुओं की मौत हो जाती है। इसे बड़ा नुकसान मानकर पशु पालक मानसिक तनाव में आ जाते हैं। किसानों की इस दिक्कत को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ‘मल्टी परपज सचल पशु चिकित्सालय सेवा’ शुरू करने जा रही है। यह सुविधा शुरू होने के बाद एक कॉल करने पर मोबाइल वैन में डॉक्टर दवाइयां लेकर पशु पालकों के घर पहुंचेंगे। हर जिले में इसके नोडल अधिकारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी होंगे। इससे संबंधित शासनादेश जारी किया जा चुका है।
स्वास्थ्य विभाग की 108 एंबुलेंस सेवा की तर्ज पर ‘मल्टी परपज सचल पशु चिकित्सालय सेवा’ के तहत मोबाइल वैन चलाई जाएंगी। पशु चिकित्सा मोबाइल वैन प्रदेश के सभी जिलों के हर ब्लाक में एक मोबाइल वैन होगी। इस मोबाइल वैन में एक पशु चिकित्सक, पशुओं की चिकित्सा संबंधी उपकरण और दवाइयां होंगी। इसे एक टोल फ्री नंबर से जोड़ा जाएगा। जरूरत पड़ने पर किसान इस पर फोन कर सकेंगे। किसी भी गांव में रहने वाले किसान के फोन करने पर संबंधित ब्लाक की पशु चिकित्सा मोबाइल वैन मौके पर पहुंच जाएगी। मोबाइल वैन में डॉक्टर मौजूद होंगे, जो बीमार पशु का परीक्षण करने के साथ दवाएं भी देंगे। इससे पशुओं को तुरत और सही इलाज मिल सकेगा। उचित समय टीकाकरण न होने से पशु विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो जाते हैं। यह मोबाइल वैन पशुओं के टीकाकरण में भी सहायक होगी। इस संबंध में प्रमुख सचिव की ओर से समस्त डीएम और सीडीओ को आदेश भेजा जा चुका है। संबंधित जिले के अधिकारियों ने इस पर काम करना भी शुरू कर दिया है।
‘मल्टी परपज सचल पशु चिकित्सालय सेवा’ संबंधी शासनादेश मिला है। इस पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए जल्द ही गाड़ियां मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद मोबाइल वैन शुरू कर दी जाएगी। इसके शुरू होने पर किसानों को पशुओं का इलाज कराने में खासी सुविधा मिलेगी। - शिव सहाय अवस्थी, सीडीओ