करमपुर चौधरी में रोजमर्रा के काम करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
रिपोर्ट में नाम खोलकर होगी धरपकड़, फिलहाल गिरफ्तारी से परहेज
बरेली। करमपुर चौधरी गांव व चौकी पर हुए बवाल के बाद पुलिस फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी से परहेज कर रही है। पुलिस अब मोबाइल पर बनाए गए वीडियो व चौकी पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर ही हमलावरों की पहचान कर रही है। इसके बाद उनकी धरपकड़ की जाएगी।
नामजद 44 लोगों के अलावा पुलिस ने दो सौ लोगों की भीड़ को भी रिपोर्ट में नामजद कर बलवे जैसी धाराएं लगाई हैं। आरोप है कि यह लोग चौकी फूंकने व पुलिस पर हमले की कोशिश में थे। इन पर रासुका लगाने की तैयारी है। घटना के वक्त पुलिस ने कई मोबाइल से गांव के लोगों के वीडियो बनवाए थे। पुलिस चौकी पर कई साल से सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस इनकी फुटेज से भी हमलावरों को पहचान रही है। इन्हीं लोगों के नाम रिपोर्ट में शामिल किए जाने का काम शुरू हो गया है। एएसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि सही आरोपियों को चिह्नित कर गिरफ्तारी की जाएगी। निर्दोष लोगों को डरने की जरूरत नहीं है, वह अपने घरों में रहें और लॉकडाउन का पालन करें।
करमपुर में पटरी पर लौटने लगी जिंदगी
बरेली। करमपुर चौधरी में हालात सुधरने लगे हैं। पुलिस की कार्रवाई से सहमे निर्दोष लोग अपने घरों को लौटने लगे हैं। गांव में दुकानें खुलने के साथ ही खेतों में भी आवाजाही बढ़ गई है।
सोमवार को चौकी पर हुए बवाल के बाद पुलिस ने लोगों को जमकर पीटा था। इस मामले में प्रधान और प्रधान के पति समेत 44 लोगों को जेल भेजा गया था। गांव में दबिश के दौरान अधिकांश लोग घरों से फरार हो गए थे। इनमें वह लोग भी शामिल थे जिनका घटना से दूर तक वास्ता नहीं था। गुरुवार को पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार ने डीआईजी से शिकायत की कि गांव में बैरियर लगवाकर उसे सील कर दिया गया है। लोग व जानवर घरों में भूखे हैं।
डीआईजी के आदेश पर एसएसपी ने बैरियर हटवाकर पीएसी व अतिरिक्त पुलिस बल गांव से बुलवा लिया था। गांव में अब माहौल ठीक है। शुक्रवार को मस्जिदों में लाउडस्पीकर से अजान हुई। दुकानें खुलीं, जहां लोग अपना रोजमर्रा की जरूरत का सामान लेने पहुंचे। परचून की दुकानों पर भीड़ रही, हालांकि लोगों ने सामाजिक दूरी का पालन करके ही सामान खरीदा। खेतों में गेहूं की कटाई की गई।