बरेली के बिहारीपुर की रहने वाली प्राजना पाराशर ने दसवीं में 99.6 प्रतिशत अंकों के साथ बरेली मंडल में टॉपर बनी है। प्राजना सेंट मारिया गोरिटी की छात्रा हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यम से तैयारी की। इसमें सर्वाधिक रीविजन किया है, जनवरी से ही प्रश्न पत्र हल करना शुरू कर दिया। इससे सवालों का फॉर्मेट पता चलता गया। जब पढ़ते समय मन में सवाल आते तो एआई की सहायता ली। वह भविष्य में पीसीएम ग्रुप लेकर इंजीनियरिंग की तैयारी करना चाहती हैं। प्राजना ने सर्वाधिक अंक हिस्ट्री एंड सिविक्स, जियोग्राफी व लिट्रेचर में 100-100 अंक प्राप्त किए हैं, जबकि साइंस में 99 अंक प्राप्त किए हैं।
राघव पुरोहित ने हासिल किए 99 फीसदी अंक
आईसीएसई कक्षा 10 की परीक्षा में छात्र राघव पुरोहित के 99 प्रतिशत अंक आए हैं। राघव ने बताया कि उनका लक्ष्य बचपन से ही डॉक्टर बनने का है, इसलिए अपनी पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया। रोजाना आठ घंटे पढ़ाई को समर्पित किए। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि पढ़ाई कभी उनके ऊपर बोझ बने, इसलिए मानसिक शांति और एकाग्रता बनाए रखने के लिए हर सुबह नियमित रूप से 15 मिनट योगाभ्यास करते हैं। इस छोटे से अनुशासन ने उन्हें लंबे समय तक केंद्रित रहने में बहुत मदद की। राघव ने पढ़ाई के साथ-साथ स्कूल स्तर पर लॉन टेनिस और फुटबॉल में भी सक्रिय रूप से भाग लिया और कई पदक अपने नाम किए। कहा कि खेल ने उन्हें अनुशासन और हार न मानने का जज्बा सिखाया। आज 10 कक्षा में 99 प्रतिशत अंक हासिल करना मेरे लिए गर्व की बात है।
दसवीं की छात्रा अर्पणा
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अर्पणा अग्रवाल ने भी लहराया परचम
अर्पणा अग्रवाल ने 10वीं कक्षा में 98.40 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने कहा कि मेरी सफलता का सबसे बड़ा मंत्र यह रहा कि कभी भी रटने पर जोर नहीं दिया, चाहे विषय कोई भी हो, सबसे पहले अपने कॉन्सेप्ट्स को गहराई से समझा। परीक्षा के दिनों में केवल अपनी पुरानी पढ़ाई को अच्छे से दोहराने पर ध्यान केंद्रित किया। शाम के समय शांत माहौल में पढ़ना सबसे ज्यादा पसंद है, इसलिए मैंने उसी समय को अपनी मुख्य पढ़ाई के लिए चुना। अर्पणा ने कहा कि उनका सपना डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है और यह लक्ष्य ने उन्हें हमेशा प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि माता-पिता ने उन पर कभी पढ़ाई का दबाव नहीं बनाया, बल्कि उनके निरंतर समर्थन ने बिना किसी मानसिक तनाव के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की शक्ति दी।
स्मार्ट वर्क और स्पष्ट लक्ष्य से पार्थ ने पाई सफलता
पार्थ पांडेय ने 10वीं में 98.2 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि ये मेरे लिए गर्व का क्षण है। मेरी इस सफलता का सबसे बड़ा आधार एक सटीक रोडमैप तैयार करना रहा। मेरा मानना है कि केवल रटने के बजाय अपने कॉन्सेप्ट को पूरी तरह स्पष्ट करना बेहद जरूरी है, क्योंकि जब आधार मजबूत होता है, तो परिणाम खुद-ब-खुद निखर कर आते हैं। इसी रणनीति के कारण मैंने गणित, केमिस्ट्री, इतिहास और कंप्यूटर विषयों में पूरे 100 अंक हासिल किए हैं। आजकल ऑनलाइन बोर्ड के पिछले कई वर्षों के प्रश्नपत्र उपलब्ध हैं, जिनसे अभ्यास करना मेरे लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ। अब मेरा पूरा ध्यान कक्षा 12वीं पर केंद्रित है, जहां मैं पीसीएम के साथ पढ़ाई जारी रखूंगा। मेरा भविष्य का लक्ष्य जेईई परीक्षा उत्तीर्ण कर देश के प्रतिष्ठित संस्थान से इंजीनियरिंग करना और आगे चलकर आईटी सेक्टर में अपना करियर बनाना है।
12वीं के छात्र अनिरुद्ध
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12वीं कक्षा के परिणाम
12वीं कक्षा में हार्टमन कॉलेज के छात्र अनिरुद्ध जौहरी ने 96.75 फीसदी अंक हासिल किए हैं। अनिरुद्ध ने बताया कि उन्होंने मन लगाकर पढ़ाई की और रात में अध्ययन करते थे। उन्होंने कहा कि सबके पास बराबर समय होता है, इसलिए पढ़ाई करते समय पूरा ध्यान लगाना चाहिए। अनिरुद्ध इंजीनियर बनना चाहते हैं।