Bareilly News: आंवला थाने में 12 फरवरी 2024 में गर्भवती विवाहिता की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।कोर्ट ने 10 जुलाई 2024 को आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर सुनवाई शुरू की। सोमवार को इस मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया।
बरेली में फास्ट ट्रैक प्रथम रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने दहेज की खातिर गर्भवती विवाहिता की हत्या के दोषी पति, सास और ससुर को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर एक लाख 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना में से आधी राशि मृतका के पिता को देने का भी आदेश दिया गया है। मृतका करीब छह माह की गर्भवती थी।
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थाना भमोरा क्षेत्र के गांव मई कीरतपुर निवासी ओमप्रकाश ने कोतवाली आंवला में 12 फरवरी 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया कि उन्होंने अपनी बेटी सुमिता की शादी तीन साल पूर्व हाजीपुर गांव निवासी पुष्पेंद्र के साथ की थी। सामर्थ्य के अनुसार शादी में खर्च किया। इसके बाद भी बेटी को ससुराल में प्रताड़ित किया जाता था। ससुरालवाले उस पर बरेली में प्लॉट खरीदकर देने का दबाव बनाते थे। मांग पूरी न होने पर पति पुष्पेंद्र, ससुर वेदपाल और सास गुड्डी देवी ने सुमिता की गला दबाकर हत्या कर दी।
इस मामले में विवेचना के बाद आंवला पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ दहेज हत्या में चार्जशीट पेश की थी। कोर्ट ने 10 जुलाई 2024 को आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर सुनवाई शुरू की। मामले में आठ गवाह पेश हुए। फास्ट ट्रैक प्रथम रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।