बरेली। मेडिकल संचालक प्रेमी की खातिर एक विवाहिता ने अपने पति को रास्ते से हटाने के लिए गलत दवाएं देनी शुरू कर दीं। हालत बिगड़ने पर उनके इंस्पेक्टर भाई ने शहर बुलाकर उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां दस दिन पहले उनकी मौत हो गई। इंस्पेक्टर ने इस मामले में उसकी पत्नी, प्रेमी और एक बीमा एजेंट के खिलाफ साजिश रचकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए इज्जनतगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इज्जतनगर क्षेत्र में सौ फुटा रोड निवासी इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह पीलीभीत में तैनात हैं। उन्होंने बताया कि मेरठ में रहने वाले छोटे भाई सुधीर की शादी वर्ष 2006 में वहीं के मोहल्ला भगवतपुरा निवासी सुमन से हुई थी। वर्ष 2008 में सुमन की नौकरी संविदा शिक्षक के रूप में लगने पर दोनों बिजनौर में रहने लगे थे। उनके मुताबिक वहां सुमन का एक मेडिकल संचालक छत्तीपाड़ा इलाके के रवि कुमार से प्रेम प्रसंग हो गया। काफी समय तक सब चलता रहा। वर्ष 2017 में दोनों के आपत्तिजनक मेसेज और फोटो भी सुमन के मोबाइल में देखे गए थे, लेकिन परिवार की इज्जत की खातिर मामला शांत कर दिया गया।
इसके बाद सुमन और रवि ने सुधीर की हत्या की साजिश रचनी शुरू कर दी। बीमा एजेंट अजय से मिलकर धन और संपत्ति हड़पने के लिए सुधीर का बीमा करा दिया। इस बीच बरेली न्यायालय में तैनात उनके एक संबंधी ने भी मामले में समझौता कराने की कोशिश की। सुनील के मुताबिक, सुधीर को मारने के लिए दोनों उसे स्लो पॉइजन देने लगे। हालात बिगड़ने पर इलाज कराने का नाटक भी करते थे। हालत ज्यादा खराब होने पर बहन आशा सुधीर को लेकर तीन अगस्त को बरेली पहुंची। सात अगस्त को उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद मायके वालों के साथ शहर आई सुमन ने शव मेरठ ले जाने के लिए हंगामा और मारपीट की, लेकिन फिर अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुई। आरोप है कि सुमन ने प्रेमी और बीमा एजेंट के साथ मिलकर गलत दवाएं खिलाकर सुधीर की हत्या की है।