बरेली में दहेज में कार नहीं मिलने से खफा ससुराल वालों ने विवाहिता के प्रसव के बाद उसे अस्पताल में छोड़ दिया। उसका पति नवजात बेटी को उठा ले गया। विवाहिता के पिता की तहरीर पर बारादरी थाने में पति व सास-ससुर समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव मुड़िया चेतराम निवासी रोशनलाल ने बताया कि उन्होंने बेटी प्रीति की शादी तीन साल पहले बारादरी थाना क्षेत्र के मोहल्ला नवादा शेखान निवासी अरुण मौर्य से की थी। प्रीति का पति अरुण मौर्य, सास कुंती देवी, ससुर भगवान दास, ननद शालू, अंजली और देवर अभिषेक दहेज में कार की मांग करते हुए प्रीति को प्रताड़ित करते थे। इस बीच प्रीति गर्भवती को गई।
मायके वालों ने दूसरे अस्पताल में कराया भर्ती
आरोप है कि ससुराल वालों ने किसी अच्छे डॉक्टर को नहीं दिखाया। इससे उसका स्वास्थ्य खराब होने लगा। हालत बिगड़ने पर तीन अगस्त को प्रीति को ईसाइयों की पुलिया के पास स्थित एक अस्पताल में भर्ती करा दिया। वहां प्रीति ने बेटी को जन्म दिया। सूचना पर मायके वाले पहुंचे और प्रीति के इलाज का पूरा खर्च उठाया। उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया।
आरोप है कि इस दौरान अस्पताल पहुंचे ससुराल वालों ने धमकी दी कि दहेज में कार नहीं मिली, ऊपर से लड़की पैदा हो गई है। प्रीति का पति अरुण नवजात बेटी को भी उठाकर ले गया। प्रीति का इलाज अब एक निजी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।