जिला अस्पताल में बैठीं नसरीन की मां हबीबन और भाई आरिफ भी घटना से स्तब्ध थे। हबीबन का कहना था कि वह रविवार को बेटी की ससुराल गई थीं। शाम को ही अपने घर आई थीं। तब बेटी ने किसी तरह की शिकायत नहीं की। किस बात पर झगड़ा हुआ और नौबत गला काटने की आई, नहीं जानतीं। बेटी के सही होने का इंतजार कर रही हैं। उससे पूछताछ के बाद ही कोई कार्रवाई कराएंगी।
नशे और गुस्से ने कराई घटना
बताते हैं कि निकाह के बाद नसरीन को जब जाहिद के नशेड़ी होने का पता चला तो घर में क्लेश होने लगा। मजदूरी करके जो रुपये लाता उसे स्मैक और शराब पर खत्म कर देता। रविवार रात करीब 11 बजे भी वह नशे की हालत में घर आया। फिर और स्मैक खरीदने के लिए रुपये मांगने लगा। नसरीन ने मना किया तो वह नाराज हो गया। बाकी कसर टॉयलेट साफ करने को नसरीन के इनकार ने पूरी कर दी। हिरासत में आरोपी जाहिद ने बताया कि वह नशा नहीं करता है। बेटियों की देखभाल नहीं करने को लेकर विवाद हुआ था।