बरेली में पत्नी की हत्या के दोषी विनोद को उम्रकैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। चेना निवासी विनोद ने सत्यवती को करंट लगाकर मारा था। उसने पुलिस को बताया था कि मानसिक बीमारी ठीक करने के लिए ऐसा किया।
बरेली में अपर सत्र न्यायाधीश अविनाश कुमार सिंह ने पत्नी की हत्या में दोषी पति भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव चेना निवासी विनोद को उम्रकैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने दोषी को अभिरक्षा में लेने के बाद जेल भेज दिया। इस दौरान उसकी मां और दो बेटे भी अदालत में मौजूद थे। विनोद ने करंट लगाकर अपनी पत्नी की हत्या की थी।
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नवाबगंज थाने में संजीव ने दो मई 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बहन सत्यवती की शादी 10 साल पहले चेना गांव निवासी विनोद के साथ की थी। विनोद और उसका भाई संतोष सत्यवती को अक्सर पीटते थे। परिवार वालों ने कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे कुछ दिन शांत रहकर फिर झगड़ा करने लगते थे। एक मई की रात विनोद और संतोष ने सत्यवती को जिंदा जलाकर मार कर डाला।
मानसिक रूप से बीमार थी सत्यवती
विवेचना के दौरान पाया गया कि घटना वाले दिन संतोष की लोकेशन दिल्ली थी। पुलिस ने विनोद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। मृतका के पिता रामऔतार ने बताया दिया कि सत्यवती के पहले पति की मौत हो गई थी। इस कारण वह मानसिक रूप से बीमार थी। विनोद से उसको तीन बेटे थे। विनोद ने उसको कभी नहीं पीटा। कोर्ट ने इस गवाह को पक्षद्रोही घोषित कर दिया। डॉक्टर का बयान और विवेचना के दौरान पुलिस को दिया विनोद का बयान अहम साबित हुए।
इसलिए लगाया था करंट
विनोद ने पुलिस को दिए बयान में सत्यवती की करंट लगाकर हत्या करने की बात स्वीकार की थी। इसके अलावा उसने यह भी कहा था कि सत्यवती मानसिक रूप से बीमार थी। उसने सुना था कि करंट लगाने से मानसिक बीमारी ठीक हो जाती है। ऐसे में उसने सत्यवती को करंट लगाया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने विनोद को हत्या का दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।